राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 की तारीखें करीब आते ही राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर बहुत तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने स्टार प्रचारकों और खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जरिए बड़े शहरों में धुआंधार रोड शो आयोजित किए जाने की रणनीति के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गहलोत ने मुख्यमंत्री के रोड शो से ठीक पहले जनता से जुड़े 6 बेहद गंभीर और जमीनी सवाल दागते हुए आरोप लगाया है कि अगर मौजूदा सरकार ने अपने 2.5 साल के कार्यकाल में धरातल पर काम किया होता तो आज उन्हें पूरा सरकारी तंत्र और दूसरे राज्यों के नेताओं को मैदान में उतारने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
पूर्व मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि सत्ताधारी दल हार के डर से हर तरह के तरीके अपना रहा है और अब जनता रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री से उनके 2.5 साल के कामकाज का हिसाब मांग रही है। गहलोत का यह सीधा हमला ऐसे समय में आया है जब भाजपा अपने अभियान को चरम पर ले जाने की तैयारी में है, जिससे पूरे चुनाव का केंद्र अब भाषणों के बजाय बुनियादी स्थानीय मुद्दों पर टिक गया है।
हार के डर से झोंकी पूरी सरकारी मशीनरी: पूर्व CM गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि नगरीय निकाय चुनावों में संभावित हार के डर से भाजपा ने अपनी पार्टी संगठन के साथ-साथ पूरी सरकारी मशीनरी को चुनावी मैदान में झोंक दिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के केंद्रीय संगठन महामंत्री, महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों के मंत्री और विधायक इस समय राजस्थान के अलग-अलग शहरों में डेरा डाले हुए हैं।
गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का गलत इस्तेमाल करके विपक्षी उम्मीदवारों को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि किसी भी राज्य सरकार को स्थानीय निकाय चुनावों में इतनी बड़ी ताकत और दूसरे राज्यों के नेताओं को सिर्फ इसलिए नहीं लगाना पड़ता, अगर उसने अपने कार्यकाल में काम किया होता। जनता के बीच काम का रिपोर्ट कार्ड रखने के बजाय शक्ति प्रदर्शन का सहारा लिया जा रहा है।
मेयर-चेयरमैन चुनाव की समय-सीमा पर सवाल
अशोक गहलोत ने निकाय चुनाव की प्रक्रियात्मक व्यवस्था में किए गए बदलावों पर भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अब तक की व्यवस्था के अनुसार पार्षद चुनाव के नतीजे आने के महज 2 या 3 दिन के भीतर ही मेयर और चेयरमैन का चुनाव संपन्न करा लिया जाता था। लेकिन इस बार इस समय-सीमा को बढ़ाकर 7 दिन कर दिया गया है।
गहलोत के अनुसार, समय-सीमा को 7 दिन करने के पीछे सत्ताधारी दल की मंशा सही नहीं दिखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अतिरिक्त समय इसलिए दिया गया है ताकि सत्तारूढ़ दल को हॉर्स ट्रेडिंग और खरीद-फरोख्त करने का पूरा मौका मिल सके। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक तरीका करार देते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और इन हथकंडों का जवाब वोट से देगी।
‘मुख्यमंत्री जी… जवाब दो’: अशोक गहलोत के 6 सीधे सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के शहरों की आम जनता अब सड़कों पर उतरकर सरकार से हिसाब मांग रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान 5 साल में 10 लाख से अधिक पट्टे देकर आम लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक दिया गया था। गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके रोड शो के दौरान निम्नलिखित 6 सवालों के जवाब मांगे हैं:
पट्टों का हिसाब: भाजपा सरकार ने अपने 2.5 साल के कार्यकाल में राज्य के आम नागरिकों को कितने पट्टे दिए?
सड़क और ट्रैफिक: शहरों में सड़कों की खस्ताहाली और लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम की स्थिति पर सरकार का क्या प्लान है?
इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स: इस कार्यकाल में ऐसे कितने फ्लाईओवर और अंडरपास हैं जिनका काम भाजपा सरकार में शुरू हुआ और पूरा भी हो गया?
जलभराव और नाला सफाई: मानसून के दौरान शहरों में बारिश का पानी क्यों भर रहा है और समय पर नालों की सफाई क्यों नहीं कराई गई?
सफाई व्यवस्था और भर्तियां: शहरों में रोजमर्रा की सफाई क्यों ठप है और सफाई कर्मियों की भर्ती का मामला अब तक क्यों अटका हुआ है?
2.5 साल का रिपोर्ट कार्ड: राजस्थान के शहरों के सर्वांगीण विकास के लिए भजनलाल सरकार ने 2.5 साल में ऐसा कौन सा बड़ा काम किया है जिसे वे अपनी उपलब्धि बता सकें?
CM भजनलाल शर्मा के मेगा रोड शो का शेड्यूल
BJP ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कैम्पेन को इस तरह डिजाइन किया है कि राज्य के सबसे महत्वपूर्ण शहरों को कवर किया जा सके। फाइनल फेज के प्रचार में CM भजनलाल शर्मा सीधे voters से कनेक्ट करेंगे और पार्टी प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगेंगे।
शनिवार (उदयपुर एवं भीलवाड़ा): कैम्पेन की शुरुआत मेवाड़ अंचल से हो रही है। CM भजनलाल शर्मा उदयपुर और भीलवाड़ा में भव्य रोड शो करेंगे, जहां मेवाड़ के शहरी वोटों को एकजुट करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
6 सितंबर (बीकानेर, अजमेर एवं जोधपुर): एक ही दिन में तीन बड़े जिलों को कवर करने का टारगेट रखा गया है। मारवाड़ और पश्चिमी राजस्थान के इन प्रमुख शहरों में रोड शो के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा जाएगा।
7 सितंबर (भरतपुर एवं अलवर): पूर्वी राजस्थान और मत्स्य क्षेत्र के सबसे अहम केंद्रों भरतपुर और अलवर में CM के रोड शो प्रस्तावित हैं। राजनीतिक दृष्टिकोण से यह क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है।
8 सितंबर (पाली एवं कोटा): हाड़ौती क्षेत्र के कोचिंग हब कोटा और औद्योगिक शहर पाली में कैम्पेन को बनाए रखने के लिए रोड शो आयोजित किए जाएंगे।
9 सितंबर (जयपुर): Election campaign के आखिरी दिन राजधानी जयपुर में मेगा रोड शो होगा। जयपुर नगर निगम के अलग-अलग वार्डों में CM का यह शो पूरे प्रचार अभियान का भव्य समापन होगा।



















