दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन (Disha Salian) की 2020 में हुई संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉम्बे हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की नए सिरे से गहन जांच और असली आरोपी को पकड़ने के लिए आधिकारिक तौर पर FIR दर्ज कर ली है। CBI की इस नई कार्रवाई के बीच जब सोशल मीडिया और मीडिया बहसों में फिर से अभिनेता सूरज पंचोली (Sooraj Pancholi) का नाम उछाला जाने लगा, तो अभिनेता ने मौन न रहकर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
सूरज पंचोली ने दिशा सालियान केस में क्या कहा?
सूरज पंचोली ने अनावश्यक विवादों और ट्रॉलिंग से तंग आकर अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक लंबा-चौड़ा और भावुक बयान जारी किया है। अपने इस नोट में सूरज ने साफ किया कि दिवंगत दिशा सालियन की मौत के मामले से उनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।
सूरज ने अपने बयान में लिखा, “पिछले कुछ सालों से अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों और बयानों के माध्यम से मेरा नाम दिवंगत दिशा सालियन के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से जुड़े विवाद में घसीटा जा रहा है। मैं खुलकर और स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी दिवंगत दिशा सालियन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मुलाकात नहीं की है। मैंने आदित्य ठाकरे से भी कभी मुलाकात नहीं की है! बिना किसी सबूत या प्रमाण के इस मामले में मेरा नाम घसीटा जाना बेहद गलत और बेहद दुखद है।”
सूरज ने आगे कहा कि 4-5 साल पहले ही पुलिस और जांच एजेंसियां उनका बयान दर्ज कर चुकी हैं और वह हर तरह की CBI जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी की मौत का इस्तेमाल बिना सबूत दूसरों की इज्जत खराब करने के लिए न किया जाए।
CBI ने सतीशा सालियान के बायन के बाद की FIR दर्ज
दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन के वकील नीलेश ओझा ने ANI को बताया कि CBI ने सतीश सालियाल की लिखित शिकायत और दर्ज बयान के आधार पर FIR दर्ज की है। इस FIR में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह से संबंधित कड़ियों की जांच की बात कही गई है।
क्या था दिशा सालियन केस?
बता दें, 9 जून 2020 को तड़के करीब 2:25 बजे मुंबई के मलाड स्थित एक बहुमंजिला इमारत की 12वीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरने से दिशा सालियन की मौत हो गई थी। उस वक्त मालवानी पुलिस ने इसे आकस्मिक मृत्यु (Accidental Death) का मामला मानते हुए आत्महत्या करार दिया था और किसी भी साजिश से इंकार किया था। बाद में दिसंबर 2023 में गठित राज्य सरकार की एसआईटी (SIT) ने भी अपनी जांच में किसी साजिश के सबूत न मिलने की बात कही थी। हालांकि, अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI इस पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से परतें खंगाल रही है।



















