भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस)अधिकारी संजुक्ता पराशर को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की विशेष वन युद्ध कमांडो यूनिट ‘कोबरा’ का महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। वह इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला हैं। संजुक्ता पराशर असम-मेघालय कैडर की 2006 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं।
सीआरपीएफ मुख्यालय ने संजुक्ता पराशर IPS को कमांडो बटालियन फॉर रिज़ॉल्यूट एक्शन (कोबरा) की महानिरीक्षक के तौर पर नियुक्त किया है। वह 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी दानिश राणा की जगह लेंगी। संजुक्ता का विशेष वन युद्ध कमांडो यूनिट ‘कोबरा’ में डीजी बनना हर महिला के लिए गर्व करने वाला है। यह पहली बार है जब सीआरपीएफ की 10 बटालियन वाली कोबरा इकाई की कमान एक महिला अधिकारी संभालेंगी।
संजुक्ता पराशर ने अपने कैडर राज्य असम में काम करने के अलावा राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) में भी काम किया है। सीआरपीएफ ने 2008-09 में कई भारतीय राज्यों में वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में उग्रवाद से निपटने के लिए कोबरा का गठन किया था। हाल ही में मणिपुर में सशस्त्र हिंसा को रोकने के लिए सीआरपीएफ ने कोबरा की दो इकाइयां तैनात की हैं।
असम के बोडो उग्रवादियों के दिलों में दहशत पैदा करने के लिए संजुक्ता पराशर का नाम ही काफी है। संजुक्ता पराशर को असम की आयरन लेडी कहा जाता है। उन्होंने महज 15 महीनों में 16 उग्रवादियों को मार गिराया और 64 से ज्यादा उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। संजुक्ता ने अपनी पोस्टिंग के दौरान भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद जब्त किए
संजुक्ता पराशर को हमेशा से खेलों में दिलचस्पी थी और स्कूल के दिनों में वे अक्सर अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने तैराकी भी सीखी और नाटकों व मार्च पास्ट में भी भाग लिया। 2006 बैच की IPS अधिकारी संजुक्ता परासर की पहली पोस्टिंग 2008 में माकुम में असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर हुई थी। जल्द ही उन्हें बोडो और अवैध बांग्लादेशी उग्रवादियों के बीच हो रही झड़पों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।संजुक्ता पराशर को हमेशा से खेलों में दिलचस्पी थी और स्कूल के दिनों में वे अक्सर अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने तैराकी भी सीखी और नाटकों व मार्च पास्ट में भी भाग लिया। 2006 बैच की IPS अधिकारी संजुक्ता परासर की पहली पोस्टिंग 2008 में माकुम में असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर हुई थी। जल्द ही उन्हें बोडो और अवैध बांग्लादेशी उग्रवादियों के बीच हो रही झड़पों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
संजुक्ता ने गुवाहाटी के होली चाइल्ड स्कूल से दसवीं की है। उसके बाद आर्मी पब्लिक स्कूल नारंगी से 12वीं की। उसके बादग दिल्ली यूनिवर्सिटी के IP Collage से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने JNU, नई दिल्ली से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर्स की पढ़ाई की। इतना ही नहीं, उन्होंने US की विदेश नीति पर M.Phil और फिर PhD भी की! आप उन्हें गर्व से डॉ. संयुक्ता कह सकते हैं।
संजुक्ता ने 2006 की UPSC Exam पास किया। सिविल सेवा परीक्षा में उन्हें ऑल इंडिया रैंक 85 मिली। वह आसानी से IAS बन सकती थीं लेकिन उन्होंने आईएएस की जगह IPS बनना चुना।



















