छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक वन अधिकारी को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और उससे 1.40 करोड़ रुपये की उगाही के मामले में एक महिला समेत दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने वन अधिकारी से कहा था कि सीबीआई उसके खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों और उनके एक सहयोगी ने वन अधिकारी को धमकी दी और उससे कहा कि पैसा न देने पर उसे अंडमान निकोबार स्थित जेल भेज दिया जाएगा। सहयोगी फिलहाल फरार है। मुंगेली के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुजूर ने कहा कि वन अधिकारी के सामने, परमवीर मारहस (40) और वर्षा तिवारी (30) ने खुद को एक स्थानीय समाचार पोर्टल का रिपोर्टर बताया था। कुजूर ने कहा कि दोनों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया और उनका सरताज नामक तीसरा आरोपी फरार है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी आरोपी बिलासपुर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि पीडि़त वर्तमान में मुंगेली में फॉरेस्ट रेंजर के तौर पर तैनात है और उसने शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन लोग उसे 2019 से ब्लैकमेल कर रहे हैं। कुजूर ने कहा कि पूछताछ के दौरान, मारहस और तिवारी ने खुलासा किया कि सरताज ने वन अधिकारी से पैसे वसूलने की साजिश रची थी। आरोपियों ने वन अधिकारी को बताया कि उसके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज है और सीबीआई के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने पीडि़त से कहा कि पैसे देकर मामला रफादफा किया जा सकता है। कुजूर ने कहा कि आरोपियों ने रेंजर से मई 2019 और फरवरी 2021 के बीच विभिन्न किस्तों में 1.40 करोड़ रुपये वसूले। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और तीसरे आरोपी को पकडऩे का प्रयास किया जा रहा है।



















