नई दिल्ली: जाने-माने बेलाग और बेलौस एक्टर नाना पाटेकर ने इस दुनिया को बेरुखी के साथ अलविदा कह दिया। गुरुवार सुबह उनका 75 साल की उम्र दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। नाना पाटेकर का 2023 में एक इंटरव्यू काफी चर्चा में रहा था। वह इंटरव्यू उन्होंने अपने जिंदगी और मौत के फलसफे के रूप में दिया था। उस वक्त नाना पाटेकर एक फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ सितंबर, 2023 में रिलीज हुई थी। यह इंटरव्यू कोरोना महामारी के दौरान हर तरफ मौत के खौफ का अनुभव के बीच दिया गया था।
नाना पाटेकर ने कहा था-‘मुझे मृत्यु पर विश्वास है’
मीडिया रिपोर्ट्स में 2023 के एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने कहा था-‘मुझे मालूम है कि कल मरने वाला हूं मैं, मुझे मृत्यु पर विश्वास है। इसी वजह से मुझे इन बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है। जो लोग सोचते हैं कि हम कभी मरने वाले नहीं हैं, वो बटोरते रहते हैं। वो बस जुटाते रहते हैं।’
नाना पाटेकर ने कहा था-‘मुझे मालूम है 12 मन लकड़ी लगेगी’
2023 के उस इंटरव्यू में नाना पाटेकर से जब यह पूछा गया कि आपने कितने लोगों को देखा होगा इंडस्ट्री में बदलते हुए, उन्हें ग्लैमर छू जाता है और वो बदल जाते हैं। मगर आप किस मिट्टी से बने है जो वो बनावट आपके अंदर नहीं आई। इस सवाल पर 1991 में आई फिल्म ‘प्रहार’ के मेजर चौहान की तरह सीधे सपाट लहजे में नाना पाटेकर ने कहा था-‘मुझे मालूम है कि जाना है और 12 मन लकड़ी लगने वाली है। यही मेरी पूरी प्रॉपर्टी है। इसी के साथ चला जाऊंगा।’
मुझे गीली लकड़ी में मत जलाना: नाना पाटेकर
नाना पाटेकर ने कहा था-‘मैंने वास्तव में सूखी लकड़ियां रखी हैं। मैंने कह रखा है कि मुझे उसी में जलाना, गीली लकड़ी मत इस्तेमाल करना, नहीं तो धुआं आएगा और दोस्त और अगल-बगल के लोगों की आंखों में जाएगा। फिर पानी आएगा आंख से और मरते वक्त मुझे यह गलतफहमी होगी कि वो मेरे लिए रो रहे हैं। कम से कम मरते वक्त तक गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।’
मैंने वास्तव में सूखी लकड़ियां रखी हैं। मैंने कह रखा है कि मुझे उसी में जलाना, गीली लकड़ी मत इस्तेमाल करना, नहीं तो धुआं आएगा और दोस्त रोएंगे तो मुझे गलतफहमी होगी कि वो मेरे लिए रो रहे हैं।
नाना पाटेकर, 2023 के एक इंटरव्यू में
मर जाऊंगा तो तस्वीर मत लगाना: नाना पाटेकर
- अंकुश फिल्म में एक चर्चित गाना है-‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’, जिसे फिल्म में बेरोजगार युवक बने नाना पाटेकर भी गाते हैं। फिल्म में वह एक मां-बेटी पर हुए अत्याचारों का अपने तीन दोस्तों के साथ बदला लेते हैं।
- 2023 के पुराने इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने कहा था-‘मैं इसी तरह से मैं जीता हूं। मुझे लगता है यही सच्चाई है। आप मर जाओगे, आपको कोई याद नहीं करेगा। 2-4 दिन के बाद सब भूल जाएंगे। हमने तो यह भी बोल दिया है कि मेरी तस्वीर भी तुम मत लगाओ। पूरी तरह भूल जाओ।’
मैं इसी तरह से मैं जीता हूं। मुझे लगता है यही सच्चाई है। आप मर जाओगे, आपको कोई याद नहीं करेगा। 2-4 दिन के बाद सब भूल जाएंगे। हमने तो यह भी बोल दिया है कि मेरी तस्वीर भी तुम मत लगाओ। पूरी तरह भूल जाओ।
नाना पाटेकर, 2023 के एक इंटरव्यू में
मृत्यु के बाद मां से मिलने जाऊंगा: नाना पाटेकर
नाना पाटेकर ने उस वक्त कहा था-‘आज भी मुझे लगता है कि मेरी मां अभी जिंदा है। मृत्यु का मतलब है कि यहां से निकलने के बाद मैं उनसे मिलने जाऊंगा। हम 7 भाई बहन थे। वो 6 गुजर गए और मैं अकेला रह गया। इसलिए मुझे लगता है कि मां, बाप, भाई, बहन कोई नहीं रहा तो मैं इस दुनिया का नहीं रहा। मेरे तो सभी वहीं हैं तो मैं हमेशा वहीं सोचता हूं।’
प्रहार से निर्देशन की दुनिया में उतरे थे नाना पाटेकर
- नाना पाटेकर ने 1991 में आई फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में काम किया था। खास बात यह है कि अभिनेता नाना पाटेकर ने इस फिल्म के जरिए निर्देशन की दुनिया में अपना डेब्यू किया था। वो इस फिल्म के लेखक, निर्देशक और एक्टर तीनों ही थे।
- प्रहार में नाना पाटेकर भारतीय सेना के एक उच्च प्रशिक्षित अधिकारी मेजर चौहान के रोल में हैं, जो युद्ध के मैदान में अपने देश की तत्परतापूर्वक सेवा करते हैं। वह देश में फैले हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ़ आवाज़ उठाने का फैसला करते हैं। इससे पहले नाना पाटेकर की एक फिल्म परिंदा आई, जिसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला था।वह अब तक छप्पन जैसी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में भी दिखे थे।
कैसे बताऊं कि तुम मेरे लिए क्या हो…
नाना पाटेकर का एन चंद्रा की 1998 में आई फिल्म ‘वजूद’ में एक सिरफिरे आशिक का रोल बेहद यादगार रहा था। वह माधुरी दीक्षित से प्यार करते हैं और कविता कहते हैं-कैसे बताऊं कि तुम मेरे लिए क्या हो…। यह फिल्म बेहद हिट रही थी।
नाना पाटेकर की यादगार फिल्में
- नाना पाटेकर कुछ फिल्में लोगों के जेहन में हमेशा के लिए जिंदा रहेंगी। ‘क्रान्तिवीर (1994)’ में नाना पाटेकर ने ‘प्रताप’ का दमदार किरदार निभाया था। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था।
- वही, विधू विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘परिंदा (1989)’ में उन्होंने ‘अन्ना सेठ’ नाम के खूंखार गैंगस्टर की भूमिका निभाई थी, जिसे आज भी भारतीय सिनेमा के बेहतरीन खलनायक किरदारों में गिना जाता है।
- नाना ने ‘प्रहार: द फाइनल अटैक (1991)’ में एक आर्मी कमांडो ‘मेजर प्रताप चौहान’ की भूमिका निभाई थी।
- नाना पाटेकर ने तिरंगा (1993) में पुलिस इंस्पेक्टर ‘शिवाजीराव वाघले’ का किरदार निभाया था, जो राज कुमार (ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह) के साथ नजर आए थे।
- नाना ने ‘अब तक छप्पन (2004)’ में उन्होंने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट ‘साधु आगाशे’ का शानदार और शांत स्वभाव वाला किरदार निभाया था।
- नाना पाटेकर ने ‘वेलकम (2007)’ में कॉमेडी किरदार ‘उदय शेट्टी’ डॉन का रोल निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया।
- नाना पाटेकर ने फिल्म ‘राजनीति (2010)’, अपहरण (2005) में एक राजनीतिज्ञ की भूमिका निभाई थी। इस साल ओटीटी पर उनकी एक वेब सीरीज ‘संकल्प’ आई थी।



















