बिजनौर | शराब की महफिल, हंसी-मजाक और गाढ़ी दोस्ती… लेकिन पैसों के लालच में इंसान किस हद तक अंधा हो सकता है, इसकी एक खौफनाक बानगी बिजनौर के स्योहारा क्षेत्र में देखने को मिली। जिन दोस्तों के साथ बैठकर अनीस शराब की चुस्की ले रहा था, उन्हीं दोस्तों की नजर उसकी जेब पर टिक गई। उन्हें लगा कि अनीस के पास अच्छी-खासी रकम है। इसी वहम और लालच में उन्होंने अपने ही दोस्त को तड़पा-तड़पाकर मौत के घाट उतार दिया। लेकिन जब वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने जेब खंगाली, तो उनके हाथ लगी महज 80 रुपए की चिल्लर। पुलिस की गिरफ्त में आए तीसरे आरोपी से हुई कड़ी पूछताछ के बाद जब इस हत्याकांड की परतें खुलीं, तो जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
पुलिस की तफ्तीश के अनुसार, घटना 23 सितंबर की रात की है। अनीस अपने साथी हिमांशु, राजा और जसविन्दर (उर्फ हर्ष उर्फ अंगा) के साथ स्योहारा क्षेत्र में बैठकर शराब पी रहा था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे बातों-बातों में कहासुनी शुरू हो गई और गाली-गलौज होने लगी। इसी दौरान बाकी तीनों को लगा कि अनीस के पास काफी पैसे हैं। इसके बाद दोस्तों ने ही अनीस को ठिकाने लगाने का प्लान बना लिया। आरोप है कि हिमांशु और राजा ने अनीस के हाथ-पैर मजबूती से जकड़ लिए, ताकि वह विरोध न कर सके। इसके बाद जसविन्दर ने अपनी बेल्ट से अनीस का गला घोंटना शुरू किया। जब अनीस तड़पने लगा, तो आरोपी ने सिख पगड़ी को सेट करने में इस्तेमाल होने वाली एक छोटी-नुकीली सलाई (जिसे आमतौर पर ‘बाज’ भी कहा जाता है) निकाली और उससे अनीस की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। अत्यधिक खून बहने और दम घुटने से अनीस की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि अनीस के बेजान होते ही तीनों आरोपी घबरा गए। उन्होंने उसकी जेब खंगाली तो उसमें से महज 80 रुपए निकले। इस मामूली रकम को देखकर उनके होश उड़ गए, लेकिन कत्ल तो हो चुका था। खुद को बचाने के लिए तीनों ने अनीस के शव को कुम्हारपुरा गांव के पास एक राजवाह के किनारे गन्ने के खेत में घसीटकर छिपा दिया। साक्ष्य मिटाने की नीयत से उन्होंने वारदात के वक्त पहने अपने खून से सने कपड़ों को भी अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया और अनीस की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP-20 CM-2591) लेकर फरार हो गए।
उधर, अनीस के घर न लौटने पर उसके भाई जमील ने 27 सितंबर को स्योहारा थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने सर्विलांस और लोकल इनपुट की मदद से जांच शुरू की। पुलिस की सुई अनीस के करीबी दोस्तों-हिमांशु, राजा और जसविन्दर पर जाकर टिकी। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने मामले में पहले ही हिमांशु और राजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि अब तीसरे मुख्य आरोपी जसविन्दर को भी दबोच लिया गया है।
पुलिस ने पकड़े गए तीसरे आरोपी जसविन्दर की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल बेल्ट, गर्दन पर वार करने वाली नुकीली सलाई (बाज) और मृतक अनीस की स्प्लेंडर बाइक बरामद कर ली है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना असली नाम जसविन्दर बताया, जबकि पहले वह पुलिस को अपना नाम हरप्रीत बताकर गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त धाराओं में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।



















