मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। मंगलवार को करीब 260 प्रदर्शनकारियों की हिरासत के बाद अब कांग्रेस ने आज देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर जुटकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
राहुल गांधी का तीखा हमला, ‘ज्ञानेश कुमार वैध चुनाव आयुक्त नहीं’
इंडिया गठबंधन के प्रमुख नेताओं की बैठक के बाद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विपक्षी सांसद जनता के सामने यह बात रखेंगे कि ज्ञानेश कुमार अब देश के वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग विपक्षी सांसदों से मिलने तक को तैयार नहीं है और लोकतंत्र के ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
260 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में, संसद से सड़क तक हंगामा
इससे पहले मंगलवार को जब सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च निकाला और आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया, तो दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत लगभग 10 सांसदों और 260 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था, जिन्हें बाद में देर शाम रिहा किया गया। कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई को भारतीय लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ करार दिया है।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा सख्त, आगे भी जारी रहेगा प्रदर्शन
आज के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आकाशवाणी भवन के आसपास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि शहर में यातायात की स्थिति सामान्य है। इस बीच अन्य राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को बढ़ाने में लग गए हैं, जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर अलग से प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
विपक्षी गठबंधन का आरोप है कि चुनाव आयोग की हालिया एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान देशभर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। विपक्ष इसे सीधे तौर पर वोट चोरी का मामला बता रहा है। इसी वजह से विपक्षी दल तीन प्रमुख मांगों पर अड़े हुए हैं- एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए, वोटर लिस्ट से हटाए गए 13 करोड़ नामों को दोबारा बहाल किया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें।



















