अब तक की कहानी : स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क कभी भी सोशल मीडिया पर विवाद शुरू करने से नहीं कतराते, चाहे वह उनके अपने परिवार के सदस्य हों या अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। मस्क ने अब भारत के अरबपति मुकेश अंबानी पर निशाना साधा है और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पर भारत का असली ‘बॉस’ होने तथा जियो के पक्ष में स्टारलिंक के सैटेलाइट इंटरनैट को भारतीय बाजार से बाहर रखने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया है।
मस्क ने अंबानी के बारे में क्या कहा है : 9 अक्तूबर को, मस्क ने एक्स पर ‘प्रधानमंत्री अंबानी’ को संबोधित करते हुए एक व्यंग्यात्मक रूप से चापलूसी भरा ट्वीट पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने ‘यह न समझने के लिए माफी मांगी कि आप भारत के असली बॉस हैं’ और उन पर ‘भारत के महान लोगों के एकाधिकारवादी शोषण’ को बनाए रखने की इच्छा रखने का आरोप लगाया तथा बाजार में स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने का आग्रह किया। मस्क ने दावा किया कि स्टारलिंक देश भर में इंटरनैट कनैक्टिविटी के अंतर को पाटने में मदद करेगा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जान बचाने में सहायता कर सकता है। एलन मस्क के आलोचक इस बात से नाराज थे कि उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान माना, साथ ही यह आरोप भी कि भारत सरकार अंबानी के प्रभाव में है। अन्य लोगों ने इस बात की ओर इशारा किया कि स्टारलिंक की सेवा की कीमत, हार्डवेयर और सब्सक्रिप्शन दोनों, भारत स्थित इंटरनैट सेवा प्रदाताओं द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की तुलना में कई गुना अधिक थी।
11 अक्तूबर को, मस्क ने पोस्ट किया कि स्टारलिंक प्रतिस्पर्धा भारतीय ग्राहकों को अधिक विकल्प देकर लाभान्वित करेगी और कीमतें उसी के अनुसार समायोजित की जाएंगी। मस्क ने कहा, ‘‘अंबानी का मुनाफा कम होगा लेकिन उनका कारोबार बंद नहीं होने वाला। और जाहिर है, अगर स्टारलिंक भारत में बहुत महंगा है, तो कोई इसे नहीं खरीदेगा, इसलिए स्पेसएक्स को मूल्य निर्धारण किफायती बनाना होगा।’’ भारत में स्टारलिंक के लाइसैंस की स्थिति क्या है? मस्क ने दावा किया कि सरकारी कानूनों और आवश्यकताओं का अनुपालन करते हुए 5 साल बिताने के बावजूद स्टारलिंक को भारत में लाइसैंस नहीं दिया गया है। मार्च 2025 में, स्पेसएक्स ने घोषणा की थी कि उसने भारत में ग्राहकों को स्टारलिंक ब्रॉडबैंड इंटरनैट सेवा प्रदान करने के लिए जियो प्लेटफॉम्र्स के साथ सांझेदारी की है, जो कि स्पेसएक्स को भारत में स्टारलिंक की पेशकश करने के लिए अलग से मंजूरी मिलने के अधीन है। (भारती एयरटैल के साथ भी इसी तरह का एक समझौता हुआ था।)
2025 के समझौते के तहत, दोनों कंपनियों को सेवा सहयोग की संभावनाओं का पता लगाना था, ताकि जियो प्लेटफॉम्र्स अपने स्वयं के खुदरा चैनलों के माध्यम से स्टारलिंक समाधान उपलब्ध करा सके। यह स्पष्ट नहीं है कि मस्क द्वारा अंबानी और भारत सरकार पर की गई टिप्पणी के बाद वह समझौता बरकरार रहेगा या नहीं। दोनों कंपनियों के बीच समझौतों के अलावा, स्पेसएक्स के पास दूरसंचार विभाग (डी.ओ.टी.) से सैटेलाइट द्वारा ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशंस (जी.एम.पी.सी.एस.) का अधिकार है, लेकिन सुरक्षा मंजूरियां अभी लंबित हैं। इसी तरह, ए.एन.आई. ने बताया कि स्टारलिंक, रिलायंस जियो सैटकॉम और यूटेलसैट वनवैब के लिए लाइसैंसिंग पूरी हो गई थी, जबकि सुरक्षा जांच चल रही है।
इस टकराव का समय क्यों महत्वपूर्ण है? यह समय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जियो प्लेटफॉम्र्स इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आई.पी.ओ.) की तैयारी कर रहा है, जो इस महीने के अंत में होने की उम्मीद है। इस चरण में कंपनी संभवत: एक स्थिर विनियामक माहौल और सकारात्मक मीडिया कवरेज को प्राथमिकता देती है। एक विश्व प्रसिद्ध अरबपति द्वारा आई.पी.ओ. की ओर बढ़ रही कंपनी पर भारत की बाजार संप्रभुता को कमजोर करने का आरोप लगाकर हमला करने से स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है। व्हाइट हाऊस के साथ मस्क की निकटता संभावित रूप से ऑनलाइन विवाद को और बढ़ा सकती है। ट्रम्प ने अतीत में तब जुर्माने की धमकी दी, जब अन्य देशों, जैसे कि ऑस्ट्रेलिया और यू.के., ने अमरीकी टैक दिग्गजों के विदेशी परिचालन को धीमा किया था। विचार करने योग्य एक अन्य कारक मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन है। राजधानी के इतिहास के सबसे बड़े इंटरनैट शटडाऊन में से एक से दिल्ली के निवासी प्रभावित हुए हैं।
इसके विपरीत, युद्ध और नागरिक अशांति के समय इंटरनैट का उपयोग करने के लिए स्टारलिंक का इस्तेमाल किया गया है, जैसे (कानूनी रूप से) रूसी आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा के दौरान और ईरान के सरकार-विरोधी प्रदर्शनों (गैर-कानूनी रूप से) में। भारत सरकार के लिए, यह सुनिश्चित करना एक गंभीर प्राथमिकता है कि सभी दूरसंचार कंपनियां उसके इंटरनैट ब्लैकआऊट का अनुपालन करें। मस्क ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत के ऊपर स्टारङ्क्षलक की बीम बंद हैं और गैर-कानूनी उपयोग संभव नहीं है। फिलहाल, स्टारलिंक ऐप देश में डाऊनलोड के लिए उपलब्ध है, जो 100एम.बी.पी.एस. और अनलिमिटेड डाटा के लिए 55 डॉलर प्रति माह की शुरुआती कीमत का विज्ञापन कर रहा है। इस बीच, भारत सरकार ने इस बात से इंकार किया है कि उसने किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार बनने दिया है।-सहाना वेणुगोपाल



















