ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसा लगभग 1:30 बजे छिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर हुआ।
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर जा रहे थे। छिनोर की ओर वाली सड़क पर खड़ी ढलान है, जहां भारी वाहनों का आना प्रतिबंधित है।
उन्होंने कहा कि धान से लदा एक ट्रक पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर अचानक बेकाबू हो गया। ट्रक नीचे की ओर आया और मंदिर की बाहरी दीवार व गेट से जा टकराया। सड़क पर मौजूद श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
एसएसपी के अनुसार, अब तक 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जिनमें से 18 की मौत हो चुकी है। 5-6 मरीज गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें फ्रैक्चर हुए हैं, जबकि बाकी को मामूली चोटें आई हैं।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और अन्य वाहन मौके पर भेजे गए। उनके अनुसार, इस घटना में 18 लोगों की मौत हो गई है और 5 से 6 मरीज गंभीर हालत में हैं। करीब 29 लोगों को अलग-अलग तरह की चोटें आई हैं।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान उस सड़क पर स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट मौजूद था। ट्रक अंदर कैसे आ गया, यह जांच का विषय है। ट्रक की मैकेनिकल जांच के लिए आरटीओ टीम भेजी गई है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि यह घटना रात करीब 1 बजे हुई। मैंने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा। ट्रक में क्षमता से ज्यादा सामान लदा था। वह अचानक आया और कुछ दुकानों व लोगों को कुचल दिया। मेरे भाई को भी चोटें आई हैं। घटनास्थल पर अभी भी अफरातफरी मची हुई है। हादसे के बाद अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है।
ग्वालियर हादसे के बाद पुलिस महकमे पर सीएम का एक्शन, सीएसपी को हटाया; आठ पुलिसकर्मी निलंबित

ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस महकमे पर कार्रवाई की है। झांसी रोड के सीएसपी को हटाने के साथ आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की है।
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटा दिया गया है। वहीं, तीन थाना प्रभारियों समेत आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। हादसे में श्रद्धालुओं की मौत के बाद पुलिस की भूमिका और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सरकार ने जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई की जद में झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड के ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी और आरक्षक किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया व पवन सेंगर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
बाबा महाकाल से प्रार्थना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर से हैं। उन्होंने मंत्री एदल सिंह कंषाना और मंत्री राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति देने और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना की है।
दो मंत्रियों को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्री एदल सिंह कंषाना और मंत्री राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। हादसे में प्रभावित परिवार ग्वालियर के अलावा शिवपुरी और श्योपुर के भी बताए गए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। हादसे के बाद पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई से साफ है कि सरकार ने मामले में विभागीय जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की है।



















