हैदराबाद : वायु सेना प्रमुख (CAS), एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार को भारतीय वायु सेना (IAF) के विमान HJT-16 किरण Mk-1 ट्रेनर विमान को उड़ाकर अपनी आखिरी उड़ान पूरी की। इसके साथ ही उनके उड़ान करियर का एक यादगार अध्याय संपन्न हो गया। 55 मिनट की यह उड़ान बेहद खास थी, क्योंकि वायु सेना प्रमुख ने अपने पहले उड़ान प्रशिक्षक, विंग कमांडर वी.एस. कोचर (सेवानिवृत्त) के साथ उड़ान भरी। जिस विमान में उन्होंने उड़ान भरी, उसका टेल नंबर U 707 था। खास बात है कि यह मौका प्रशिक्षक और छात्र के बीच एक भावुक पुनर्मिलन जैसा था, जिसने वायु सेना प्रमुख को भारतीय वायु सेना में उनके उड़ान सफर की शुरुआत से फिर से जोड़ दिया।
देश में यह पहली बार है जब कोई चीफ एयर मार्शल ने अपने करियर के शुरुआत में उड़ानेवाले प्लेन को आखिरी बार उड़ाकर रिटायरमेंट लिया है।
वर्दी की आखिरी उड़ान
उड़ान के बाद एपी सिंह ने इसे ‘सपने के सच होने’ जैसा बताया। उन्होंने याद किया कि कैसे इसी तरह के विमान से उनके उड़ान सफर की शुरुआत हुई थी और अपने पहले उड़ान प्रशिक्षक, विंग कमांडर वी.एस. कोचर (सेवानिवृत्त) के प्रति आभार व्यक्त किया। तेलंगाना के डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी (एएफए) में 55 मिनट की उड़ान पूरी करने के बाद सिंह ने कहा कि वर्दी में यह उनकी आखिरी उड़ान थी।
‘सपना सच होने जैसा’
एपी सिंह ने कहा कि यह सच में एक सपने के सच होने जैसा है। मैंने अपना सफर इसी तरह के विमान से शुरू किया था। मुझे लगता है कि मैं शायद इकलौता ऐसा वायु सेना प्रमुख हूं, जो उस समय रिटायर हो रहा है जब वह बुनियादी विमान, जिसे उसने कभी उड़ाया था, आज भी सेवा में है।
वर्दी की आखिरी उड़ान पर हुए भावुक
एपी सिंह ने आगे कहा कि मैं बहुत आभारी हूं। मैं अपने प्रशिक्षक, विंग कमांडर कोचर सर का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने मुझे शुरुआत में यहीं पर उड़ान भरना सिखाया था। मैं बस इस सफर का एक पूरा चक्र देखना चाहता था। मैंने 28 जनवरी 1984 को इसी जगह पर, उनके साथ ‘किरण’ विमान में अपनी पहली उड़ान भरी थी। और आज, मैंने वर्दी में अपनी आखिरी उड़ान भी उन्हीं के साथ, उसी ‘किरण’ विमान में पूरी की है।
मैंने इसी विमान से अपनी यात्रा शुरू की थी। मुझे लगता है कि मैं शायद एकमात्र ऐसा वायुसेना प्रमुख हूं, जो उसी शुरुआती विमान पर सेवानिवृत्त हो रहा है, जो आज भी सेवा में है। मैं अपने प्रशिक्षक कोचर सर का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने इसी जगह मुझे शुरुआत में विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया था। इसलिए मेरी यही इच्छा थी कि यह चक्र पूरा हो।
एपी सिंह, एयर चीफ मार्शल
वाटर कैनन सैल्यूट दिया गया
उड़ान पूरी कर विमान से उतरने पर एपी सिंह को सम्मान के तौर पर ‘वाटर कैनन सैल्यूट’ दिया गया। वह 1984 में एएएफए में ‘स्वोर्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित और पास आउट हुए थे। एयर चीफ मार्शल सिंह नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।



















