कल का मौसम : देश के कई हिस्सों में मौसम करवट लेने वाला है। कहीं, मूसलाधार बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है, तो कहीं आंधी, बिजली और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहेगा। जबकि बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसका असर पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों तक पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती सिस्टम, 26 अक्टूबर अहम दिन
- मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत हो रहा है। इसके 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 अक्टूबर को गहरे डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है।
- पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 28 अक्टूबर के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट के नजदीक पहुंच सकता है।
कल कहां-कहां बारिश?
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मूसलाधार बारिश
- केरल और माहे में भारी बारिश होने की आशंका है
- कर्नाटक के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है
- लक्षद्वीप और उससे सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बारिश होने के आसार हैं
- जम्मू-कश्मीर में हल्की से छिटपुट बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की छिटपुट वर्षा होने की संभावना है.
- राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक असर से छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28-30 अक्टूबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 अक्टूबर को छिटपुट वर्षा होने की उम्मीद है. विदर्भ में 27 अक्टूबर और 29-30 अक्टूबर को और छत्तीसगढ़ में 27-30 अक्टूबर को वर्षा हो सकती है. हालांकि, 28-29 अक्टूबर के दौरान मौसम अधिक उग्र रहेगा, जिसके चलते छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में काफी भारी बारिश की संभावना है. इस दौरान 27 से 29 अक्टूबर के बीच छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (जो बढ़कर 60 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है) से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने भारी अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ और 29 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश व विदर्भ में भारी बारिश हो सकती है, जबकि 28 अक्टूबर को विदर्भ और 28-29 अक्टूबर के दौरान छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है.
चक्रवाती तूफान और बारिश का कहां रहेगा सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चक्रवाती प्रणाली के प्रभाव से 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही 28 अक्टूबर को ओडिशा और तेलंगाना के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का कहर देखने को मिलेगा. इसके अलावा, ओडिशा में 27 और 29 अक्टूबर को भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
एक तरफ जहां बंगाल की खाड़ी में तूफान आकार ले रहा है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है. इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 और 25 अक्टूबर को, जबकि केरल और माहे में 25 और 26 अक्टूबर को मूसलाधार भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है. पिछले 24 घंटों में भी तमिलनाडु में रिकॉर्ड 21 सेमी से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है.
तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति की चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा है कि 26 अक्टूबर की सुबह तक बंगाल की खाड़ी में हवाओं की गति 70-80 किमी प्रति घंटा से लेकर झोंकों के साथ 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इसके बाद 27 अक्टूबर से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी. समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण स्थिति बेहद खराब रहने की आशंका है.



















