नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग के हलफनामे पर प्रतिवादी पक्ष को अपना जवाब देने के लिए 10 दिनों की मोहलत दी है। शीर्ष अदालत ने मामले से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर भी संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर उनका जवाब तलब किया है। अब इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई दीपावली अवकाश के पश्चात की जाएगी।

अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली, कथित एकतरफा फैसलों और फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर दाखिल याचिकाओं पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने राज्यसभा सांसद डोला सेन द्वारा दायर एक नई याचिका पर भी चुनाव आयोग और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया। 

इस मामले की सुनवाई अगली तारीख तक स्थगित कर दी। याचिकाकर्ता राकेश सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अदालत से कहा कि चुनाव आयोग का हलफनामा सुनवाई से एक रात पहले ही मिला है, इसलिए उसका जवाब तैयार करने के लिए समय चाहिए।

अदालत ने याचिकाकर्ता को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई दीवाली की छुट्टियों के बाद, 17 नवंबर के आसपास होने की संभावना है।

क्या है चुनाव आयोग का फॉर्म 6 पर नया विवाद?

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और आयोग के फैसलों के खिलाफ दायर याचिका पर चुनाव आयोग ने 248 पन्नों का विस्तृत जवाब दाखिल किया है। आयोग के उप चुनाव आयुक्त भानु प्रकाश येतुरी द्वारा दायर हलफनामे में SIR का पुरजोर बचाव किया गया। 

चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में SIR प्रक्रिया का बचाव किया है और यह दावा किया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दूसरी ओर, सांसद डोला सेन द्वारा दायर एक नई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 में बदलाव किया था।

क्या है विपक्षी दलों की याचिकाएं?

सर्वोच्च अदालत ने मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के नेताओं की वह याचिका भी शामिल है, जिसमें चुनाव आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को रेखांकित करते हुए वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग की गई है।

याचिकाओं में मुख्य रूप से यह आधार बनाया गया है कि सीईसी ने कई ऐसे महत्वपूर्ण फैसले अकेले ले लिए, जिन्हें सर्वसम्मति से लिया जाना चाहिए था।

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031