ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की एक शाखा में खाताधारकों की रकम में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। खाताधारकों ने बैंक में 35 करोड़ रुपये से अधिक की रकम के लेनदेन में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
पांच अधिकारियों पर गिरी गाज
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके खातों से उनकी जानकारी और सहमति के बिना पैसे दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
ट्रांसफर रकम की जांच में जुटी पुलिस
वहीं, पुलिस ने मामले में अभियोग पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रकरण की जांच भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की टीम भी कर रही है। पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि, बीटा दो थाना क्षेत्र में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में खाताधारकों की रकम के लेनदेन को लेकर विवाद सामने आया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके बैंक खातों से बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के रकम ट्रांसफर की गई। खातों में हुए कथित अनधिकृत लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद खाताधारकों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद प्रभावित लोगों ने मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की और पूरे प्रकरण की जांच कर कारर्वाई की मांग उठाई। बीटा दो क्षेत्र स्थित बैंक से जुड़े इस प्रकरण में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बैंक प्रबंधन ने भी खाताधारकों की शिकायतों के समाधान का भरोसा दिलाया है।
16 खाताधारकों की शिकायत पर मामला दर्ज
वहीं, एंटी करप्शन टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में कथित अनधिकृत ट्रांसफर, संबंधित बैंक खातों, लेनदेन के रिकॉडर् और जिम्मेदार लोगों की भूमिका जैसे पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। इस मामले में 16 खाताधारकों ने बीटा दो थाना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं ने बैंक खातों में 35 करोड़ रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी का आरोप लगाया है। इतनी बड़ी रकम से जुड़े आरोप सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। हालांकि, कथित हेराफेरी की कुल रकम, किन खातों से कितनी राशि ट्रांसफर हुई और इस लेनदेन में किन लोगों की भूमिका रही, इन बिंदुओं पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों को दिया न्याय का भरोसा
इस मामले के बाद बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों की शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया है। साथ ही, प्रकरण के संबंध में शाखा प्रबंधक समेत कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। बैंक की ओर से उठाए गए इस कदम को मामले की जांच और शिकायतों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
जांच नतीजों पर टिकी हैं सभी की निगाहें
हालांकि, कर्मचारियों का निलंबन अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करता। मामले में जिम्मेदारी तय होना जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, खाताधारकों की निगाहें जांच के नतीजों और उनकी रकम के संबंध में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि जांच में कथित हेराफेरी की वास्तविक राशि कितनी सामने आती है और प्रभावित खाताधारकों की शिकायतों का समाधान किस तरह किया जाता है।



















