प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 2 प्रतिशत डीआर आदेश की प्रतियां जलाकर जताया विरोध, 63 प्रतिशत महंगाई राहत एरियर सहित देने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10 माह की लंबी प्रतीक्षा के बाद महंगाई राहत (डीआर) की घोषणा भी बिना एरियर किए जाने से प्रदेश के पेंशनरों में भारी नाराजगी है। केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई राहत का लाभ और लंबित एरियर नहीं मिलने से आहत भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। महासंघ के आह्वान पर 30 व 31 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में वित्त विभाग द्वारा जारी डीआर आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया गया तथा आदेश में संशोधन की मांग की गई।
महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया कि पेंशनरों के साथ हो रहे आर्थिक असमान व्यवहार के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह प्रदेशव्यापी विरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत वृद्धि का एरियर छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को 10 माह बाद भी नहीं मिला है। वहीं, 1 जुलाई 2026 से देय 3 प्रतिशत अतिरिक्त वृद्धि को मिलाकर केंद्र के समान कुल 63 प्रतिशत महंगाई राहत एरियर सहित देने के बजाय बिना एरियर घोषणा करना पेंशनरों के साथ न्यायसंगत नहीं है। जबकि मध्यप्रदेश में जुलाई 2026 से एरियर के साथ पेंशनरों को इसका लाभ दिया गया है।
नामदेव ने कहा कि संवेदनशील एवं ईमानदार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को उनके सलाहकार पिछले तीन वर्षों से पेंशनरों की इस समस्या पर अपेक्षित और सही मार्गदर्शन देने में सफल नहीं रहे हैं। वित्त विभाग की कार्यप्रणाली भी पेंशनरों के हित में समय पर निर्णय लेने की कसौटी पर खरी नहीं उतर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पेंशनरों को न्याय दिलाने की मांग की।
उन्होंने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री पूर्ववर्ती भूपेश सरकार की कार्यशैली का अनुसरण करने के बजाय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता और सुशासन की कार्यशैली से प्रेरणा लेकर कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हित में निर्णय लें। पेंशनरों की जायज मांगों की लगातार उपेक्षा से सरकार की सकारात्मक छवि भी प्रभावित हो सकती है।
प्रदेशभर में हुआ विरोध प्रदर्शन
महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री टी.पी. सिंह ने संयुक्त विज्ञप्ति में बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में जिला अध्यक्षों एवं स्थानीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में पेंशनरों तथा परिवार पेंशनरों ने वित्त विभाग द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को जारी महंगाई राहत (डीआर) आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस कार्यक्रम में दुर्ग से बी.के. वर्मा, रायपुर से आर.जी. बोहरे, बलौदाबाजार-भाटापारा से खोड़स राम कश्यप, गरियाबंद से लखन लाल साहू, धमतरी से डी.के. पाठक, महासमुंद से रिखीराम साहू, बालोद से डी.आर. गजेन्द्र, राजनांदगांव से आई.सी. श्रीवास्तव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से रामेन्द्र तिवारी, बेमेतरा से यवन कुमार डिंडोरे, कबीरधाम से प्रकाश गुप्ता, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से देवदत्त दुबे, बिलासपुर से राकेश जैन, जांजगीर-चांपा से परमेश्वर स्वर्णकार, जशपुर से रमेश नंदे, रायगढ़ से अभय शंकर गौराहा, सारंगढ़ से देवनारायण साहू, कोरबा से एम.एल. यादव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से आर.ए. शर्मा, सक्ती से हरि प्रसाद मिश्रा, मुंगेली से भैयालाल परिहार, कांकेर से ओ.पी. भट्ट, बीजापुर से आर.डी. झाड़ी, नारायणपुर से एस.एन. देहारी, कोंडागांव से एस.के. धातोड़े, दंतेवाड़ा से रूपकुमार झाड़ी, सुकमा से शेख कासिमुद्दीन, जगदलपुर से आनिध्य कुमार बागची, अंबिकापुर से माणिक चंद्र, बैकुंठपुर से प्रेमचंद गुप्ता, बलरामपुर से अनिल कुमार सिन्हा, सूरजपुर से संतोष ठाकुर तथा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर से अफरोज कुरैशी सहित विभिन्न जिला पदाधिकारियों के नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
महासंघ ने स्पष्ट किया कि संगठन शासन का विरोधी नहीं है, बल्कि पेंशनरों के साथ हो रहे आर्थिक असमान व्यवहार का विरोध कर रहा है। महासंघ की प्रमुख मांग है कि केंद्र सरकार के समान 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत तथा 1 जुलाई 2026 से देय 3 प्रतिशत वृद्धि को मिलाकर कुल 63 प्रतिशत महंगाई राहत संबंधित देय तिथियों से एरियर सहित तत्काल स्वीकृत कर भुगतान किया जाए। साथ ही 30 अक्टूबर 2026 को जारी डीआर आदेश में आवश्यक संशोधन किया जाए।



















