दिल्ली की पटियाला हाउस स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के हाई प्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही गवाही देने के लिए नहीं पहुंचीं। जिसे लेकर दिल्ली पुलिस ने विशेष न्यायाधीश को बताया कि अभिनेत्री को समन जारी किया गया था, लेकिन उनके आने या न आने के बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं थी। वहीं, नोरा के वकील ने अदालत में अर्जी दाखिल कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने की मांग की।
नोरा के वकील ने कोर्ट से मांगी छूट
दिल्ली पुलिस की जानकारी के बाद नोरा फतेही के वकील ने अदालत में एक अर्जी दी, जिसमें उनसे उस दिन व्यक्तिगत रूप से पेश न होने की छूट मांगी गई। विशेष न्यायाधीश ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और वकील को फटकार लगाई। अदालत ने वकील से कहा कि नोरा फतेही इस मामले में एक गवाह हैं और उन्हें आज कोर्ट में मौजूद होना चाहिए था। उनका यह बर्ताव गलत है। अदालत को हल्के में न लें। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि आखिरी मौके पर गवाहों के न आने से न्यायिक कार्यवाही में बाधा आती है।
मामले में अहम गवाह हैं नोरा फतेही
इस 200 करोड़ रुपये के ठगी मामले में नोरा फतेही अभियोजन पक्ष की एक महत्वपूर्ण गवाह हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े आरोपियों ने नोरा को कई महंगे तोहफे दिए थे और कुछ कार्यक्रमों में शामिल होने के बदले उन्हें भुगतान भी किया था। हालांकि, नोरा ने अपने बयानों में हमेशा यही कहा है कि उन्हें इस गिरोह के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उनसे केवल एक पेशेवर कलाकार के तौर पर संपर्क किया गया था।
क्या है पूरा मामला
यह पूरा विवाद तिहाड़ जेल में बंद रहे कथित महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। आरोप है कि उसने जेल के अंदर से ही खुद को कानून मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर पूर्व रैनबैक्सी प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह को धोखा दिया। उसने अदिति सिंह से उनके पति को जमानत दिलाने के नाम पर लगभग 200 करोड़ रुपये की ठगी की थी।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से पता चला है कि इस गिरोह द्वारा ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों और मॉडलों पर खर्च किया गया। इसमें महंगी चीजें उपहार में देना, लग्जरी गाड़ियां खरीदना और चैरिटी कार्यक्रमों में पैसे देना शामिल था। इस मामले में नोरा फतेही को भी महंगे उपहार देने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने उन्हें इस मामले में एक अहम गवाह माना है।



















