दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की रैली को लेकर बीजेपी की टिप्पणियों पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने पलटवार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के नेताओं की नजर कमजोर हो गई है। राउत ने यहां तक कह दिया कि बीजेपी को आंखें दान करने की जरूरत है, क्योंकि उसे इतनी बड़ी रैली भी दिखाई नहीं दी।
‘बीजेपी नेताओं की पास और दूर की नजर दोनों कमजोर’- संजय राउत
मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी के लोगों की देखने की क्षमता कमजोर हो गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘बीजेपी के लोगों की नजर कमजोर हो गई है। उनकी पास की नजर और दूर की नजर, दोनों कमजोर हो गई हैं। किसी को उन्हें आंखें दान करनी चाहिए। उन्हें नई आंखें लगवाने की जरूरत है।’
‘बीजेपी को आंखें दान करो’ अभियान चलाने का ऐलान
संजय राउत ने आगे कहा कि दिल्ली में इतनी बड़ी और ऐतिहासिक रैली हुई, जिसे पूरी दुनिया ने देखा, लेकिन स्थानीय स्तर पर बैठे बीजेपी नेताओं को यह सब नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि विपक्ष जल्द ही एक अनोखा अभियान शुरू करेगा। राउत ने कहा, ‘हां, हम एक अभियान शुरू करेंगे: बीजेपी को आंखें दान करो, क्योंकि उन्हें दिखाई नहीं देता।’
AI तस्वीर को लेकर रिजिजू ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में हुई महारैली की भीड़ दिखाने के लिए पार्टी ने AI से तैयार तस्वीर का इस्तेमाल किया। रिजिजू ने इस तस्वीर को लेकर कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि अगर पार्टी AI की मदद ले ही रही थी, तो कम से कम तस्वीर सही तरीके से तैयार करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तरह लोगों के सामने गलत तस्वीर पेश कर रही है।
10 लाख की भीड़ के दावे पर पात्रा ने उठाए सवाल
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने भी INDIA गठबंधन की रैली में जुटी भीड़ को लेकर कांग्रेस के दावे पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने की बात कही, जबकि रामलीला मैदान में काफी जगह खाली दिखाई दे रही थी। पात्रा के मुताबिक, मैदान में करीब 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं। दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच इनमें से 5 से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं। उन्होंने दावा किया कि उस समय मैदान का करीब 40 फीसदी हिस्सा खाली नजर आ रहा था।



















