चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण आंध्र प्रदेश के कोनासीमा में भारी बारिश हुई है. इससे उन किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं जो अभी भी चक्रवात ‘अर्नब’ से हुए नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे थे; साथ ही, बिजली बहाली के काम में भी देरी हो रही है.
दो हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने बताया कि सोमवार तक करीब दो हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. कुल तीस हजार लोगों को निकालने की योजना है. तटीय इलाकों में निचले क्षेत्रों से लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है. तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों को इस तूफान का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ सकता है. स्कूल बंद कर दिए गए हैं. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. बंदरगाहों पर सतर्कता सिग्नल लगाए गए हैं. भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्री लहरों का खतरा है. बापटला, कृष्णा और प्रकासम जिलों में तूफानी लहरें एक से डेढ़ मीटर ऊंची हो सकती हैं.
विशाखापट्टनम मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक पीएलएन मूर्ति के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य हिस्से में बना गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासू’ तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि इस मौसमी प्रणाली के उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है, जिसका सीधा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर आज आधी रात से लेकर कल तड़के के बीच देखने को मिलेगा. तट से टकराने के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जिसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.



















