कई लोगों को रात में सोने के समय पेट या सीने में जलन महसूस होने लगती है. कुछ लोग इसे सामान्य गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है, तो इसकी वजह समझना जरूरी है. रात में खाने का समय, भोजन की मात्रा और सोने का तरीका भी पेट की जलन को बढ़ाता है. इसके अलावा कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह बनती हैं. आइए जानते हैं इसके तीन मुख्य कारण.
खाना खाने के तुरंत बाद लेटना और भारी भोजन करना
रात में पेट में जलन होने की सबसे आम वजह एसिड रिफ्लक्स है. इसमें पेट का एसिड वापस भोजन नली की तरफ आने लगता है. इससे सीने और गले में जलन महसूस होती है. खाना खाने के तुरंत बाद लेटने से यह परेशानी बढ़ती है, क्योंकि लेटने पर एसिड को नीचे जाने में मदद नहीं मिलती. इसके अलावा रात में ज्यादा तेल, मिर्च-मसाले और तली हुई चीजें खाने से भी जलन बढ़ती है. ज्यादा मात्रा में भोजन करने से पेट भरा रहता है और एसिड रिफ्लक्स की परेशानी होती है. चाय, कॉफी, चॉकलेट और कुछ खट्टे खाद्य पदार्थ भी कुछ लोगों में जलन बढ़ाते हैं. इसलिए रात का खाना हल्का रखें और सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खा लें.
पेट में सूजन, अल्सर या हाइटल हर्निया होना
पेट की अंदरूनी परत में सूजन को गैस्ट्राइटिस कहते हैं. इसकी वजह से पेट के ऊपरी हिस्से में जलन, दर्द, भारीपन और मतली महसूस होती है. वहीं, पेट या छोटी आंत के शुरुआती हिस्से में घाव होने पर पेप्टिक अल्सर की समस्या होती है. कुछ लोगों में अल्सर का दर्द रात में या खाली पेट बढ़ता है. इसकी वजह एच. पाइलोरी नाम का बैक्टीरिया या लंबे समय तक कुछ दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल भी होता है. इसके अलावा हाइटल हर्निया भी रात में जलन की वजह बनती है. इस स्थिति में पेट का ऊपरी हिस्सा डायाफ्राम के एक हिस्से से होकर छाती की तरफ आ जाता है. इससे कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स बढ़ जाता है. इसके कारण सीने में जलन, खट्टी डकार और खाना वापस गले तक आने जैसी परेशानी होती है.
रात में पेट की जलन से बचने के लिए क्या करें?
रात में पेट की जलन कम करने के लिए सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाना खा लें. रात का भोजन हल्का रखें और बहुत ज्यादा तली-भुनी या मसालेदार चीजें खाने से बचें. खाना खाने के बाद तुरंत बिस्तर पर न जाएं, बल्कि थोड़ी देर टहलें. अगर लेटने पर जलन बढ़ती है, तो बिस्तर के सिर वाले हिस्से को थोड़ा ऊंचा रखें. बार-बार होने वाली परेशानी को सिर्फ घरेलू उपायों से दबाने के बजाय डॉक्टर को दिखाएं. अगर पेट या सीने में जलन लगातार बनी रहती है, निगलने में परेशानी होती है, बार-बार उल्टी आती है या बिना वजह वजन घट रहा है, तो जांच करवाएं.



















