मुंबई: उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने राहुल गांधी की बहस की चुनौती पर प्रतिक्रिया दी है। प्रियंका चतुर्वेदी कहती हैं कि मेरा मानना है कि सभी बहसें संसद में होनी चाहिए। लेकिन सरकार विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करने से बार-बार बचती है। इसी वजह से हमें अपना विरोध प्रदर्शन सड़कों पर लाना पड़ा है। अगर खुली बहस का प्रस्ताव आता है, तो दोनों राष्ट्रीय पार्टियों को अपना पक्ष रखना चाहिए। ताकि जनता खुद तय कर सके। हालांकि संसद में देश, नागरिकों और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
राहुल गांधी की किस बात पर बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी?
दरअसल प्रियंका चतुर्वेदी ने यह बात तब कही, जब राहुल गांधी ने मंगलवार की शाम को प्रधानमंत्री को डिबेट करने का चैलेंज किया था। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा था कि 24 घंटे हो गए, मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हैं कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पर आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ। देशद्रोही कौन है? विदेशी ताकतों का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत। दोनों मिलेंगे, मीडिया होगी, देश के युवा होंगे, टेबल होगी, एक साइड आप बैठेंगे, एक साइड मैं बैठूंगा। जिसको आप जज बनाना चाहते हैं, बना दीजिए। मोहन भागवत जी को बिठा दीजिए, चलिए। और फिर डिबेट करते हैं।
राहुल गांधी ने आगे लिखा था कि सवाल उठेंगे फाइनेंशियल सिस्टम पर, फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर, यूएस डील कैसे हुई, क्यों हुई, इतनी जल्दी क्यों हुई, सिर्फ आपने क्यों की, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया, एपस्टीन- ऐसी बहुत सारी चीजें हैं, जिन पर खुलकर डिस्कशन होगा। आ जाइए, डरिए मत। दूध का दूध, पानी का पानी कीजिए। आप एलिगेशन लगाते हैं न मेरे ऊपर, आ जाइए, सब साफ हो जाएगा।
कांग्रेस ने क्या कहा?
वहीं कांग्रेस ने एक्स पोस्ट में लिखा कि बाकी चीजों पर आपने मानहानि का केस लगा रखा है, शायद 45 मानहानि के केस मेरे ऊपर हैं। मगर इस डिबेट के मामले में, विदेशी कनेक्शन पर आप मानहानि नहीं लगा रहे हैं। लगाइए न, वहां भी डिस्कस करेंगे, खुलकर। ये सब डिस्कस करते हैं, आइए। हैप्पी दीपावली।



















