रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीवाली का पावन पर्व मनाया।
कभी नक्सलवाद का सबसे बड़ा गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों के पराक्रम और योगदान को सराहते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके बलिदानों और अटूट निष्ठा की वजह से ही हमने यहां से नक्सलवाद के आतंक को पूरी तरह खत्म किया है। उन्होंने कहा कि इस इलाके से नक्सलवाद के खात्मे के बाद यह पहली दिवाली है।
हर साल जवानों के बीच दिवाली मनाने की परंपरा जारी
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी उन्होंने देश के पहरेदारों के साथ ही त्योहार मनाने का फैसला किया।
इससे पहले शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने देशवासियों को दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में शांति, सुख और समृद्धि की कामना की थी।
बस्तर लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का मुख्य केंद्र रहा है, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में सबसे अहम भूमिका निभाई है।
मार्च में घोषित हुई थी नक्सलमुक्ति
केंद्र सरकार ने 31 मार्च को शीर्ष नक्सली कमांडरों के सफाए और सैकड़ों कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद देश को नक्सल समस्या से मुक्त घोषित किया था। इसी क्रम में सीआरपीएफ ने हाल ही में लगातार 12 महीनों तक ऑपरेशन के दौरान किसी भी जवान के हताहत न होने यानी जीरो कैजुअल्टी की उपलब्धि दर्ज की है।
सीआरपीएफ के महानिदेशक जी. पी. सिंह ने इस सफलता का श्रेय जवानों को मिले आधुनिक उपकरणों, उन्नत प्रशिक्षण, सटीक रणनीतिक योजना और घायल होने पर त्वरित मेडिकल सहायता व निकासी को दिया।



















