हर व्यक्ति के जीवन में ऐसा दौर भी आता है जब वो बोझिल हो जाता है और उसे कुछ नजर नही आता। वो अपने ही समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकता रहता है, तब उसे गुरु के बताए हुए मार्ग पर ही चलना चाहिये। कहा जाता है कि गुरु के द्वारा बताये गये मार्ग सदैव शिष्यों का कल्याण ही करता है। ऐसे ही आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री अरुण चौबे जी महाराज के शिष्य भी अपने गुरु के बताये मार्ग पर चलकर अपने मंजिल की ओर नित प्रतिदिन आगे बढ़ रहे है। वैसे भी ज्ञान की प्राप्ती के लिए गुरु की आवश्यकता होती है, बिना गुरु के ज्ञान असंभव है, हमें जीवन में गुरु द्वारा बताए गए सद मार्ग पर चलना चाहिए। एक अच्छा गुरु कभी भी आपने शिष्य का बुरा नहीं सोचता अपने शिष्य की भलाई के लिए हर संभव प्रयास करता है और अपने शिष्य को हमेशा सही राह दिखाता है। गुरु महाराज जी कहते है कि व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं, लेकिन उन्हे इस उतार-चढ़ाव से विचलित नहीं होना चाहिये। प्राय: देखा जाता है कि व्यक्ति जीवन में आने वाले कठिनाइयों से लडऩे के दौरान काफी नर्वस रहते है, जबकि उन्हे चाहिये कि उसे गुरु के शरण में पहुंच जाने चाहिये। क्योंकि गुरु के शरण जाने के बाद से ही शिष्यों के तमाम कष्ट दूर हो जाते हैं।
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