बिहार ऐसा राज्य होगा जहां ट्रैफिक नियंत्रण के अलावा ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के अफसरों और जवानों की गतिविधियों की भी मॉनिटर किए जाने की योजना बनाई गई है. इसके लिए ट्रैफिक पुलिस के अफसरों और जवानों की बॉडी पर कैमरे दिए जा रहे हैं. पटना और नालंदा जिला में इसका प्रयोग भी शुरू कर दिया गया है और फिलहाल पटना और नालंदा जिले में बॉडी वार्न कैमरा तैनात अफसरों और जवानों की हर गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेगा. इसके पीछे का मकसद यह है कि पब्लिक ट्रैफिक पुलिस पब्लिक के साथ किस तरह का बर्ताव कर रही है यह स्पष्ट हो सकेगा. ट्रैफिक पुलिस के कर्मियों पर वाहन चालकों से न केवल नाजायज तरीके से पैसे वसूलने के आरोप लगते रहे हैं, बल्कि उनके साथ दुर्व्यवहार की भी लगातार शिकायतें बिहार पुलिस मुख्यालय को मिल रही थी. अब इस कैमरे के माध्यम से सब कुछ मॉनिटरिंग की जा सकेगी. जवान और अफसरों की वर्दी पर लगे कैमरे की रिकॉर्डिंग को देखा जाएगा. इसके लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा ताकि वहां बैठे अफसर लाइव सब कुछ मॉनिटर कर सके. ट्रैफिक आईजी एमआर नायक ने कुछ दिनों पहले ही पटना समेत 12 जिलों के ट्रैफिक डीएसपी को सख्त निर्देश जारी किया था. इन जिलों में पटना के अलावा गया भोजपुर सारण मुजफ्फरपुर बेगूसराय कटिहार पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर, दरभंगा और नालंदा शामिल हैं. ट्रैफिक आई जी ने कहा था कि मुख्यालय द्वारा आवंटित उपकरण को जल्द से जल्द उपयोग में लाया जाए. बिहार के नालंदा समेत कई जिलों की ट्रैफिक पुलिस अब बॉडी वार्न कैमरा से लैस हो गई है. दरअसल, पुलिस की वर्दी में ही कैमरा लगा है, जिसको पहनकर ट्रैफिक पुलिस चालान काटेगी. यातायात पुलिस की गतिविधियों और वाहन चालक से बातचीत को उनके शरीर पर लगा कैमरा ही रिकार्ड करेगा. वहीं कैमरे को कंट्रोल रूम से लिंक कर दिया जाएगा. लाइव वीडियो को कंट्रोल रूम द्वारा आसानी से देखा जा सकेगा.
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