बाकी कर्मचारियों का आकस्मिक अवकाश का कोटा बढ़ाने अथवा अतिरिक्त वेतन भत्ता देने की मांग
छत्तीसगढ़ सरकार ने शनिवार 7 फरवरी 22 से प्रत्येक शनिवार को अवकाश देकर 5 कार्य दिवस का सप्ताह घोषित कर दिया है अर्थात अब प्रदेश में हर शनिवार को कार्यालय बन्द रहेंगे परन्तु इस आदेश से अनिवार्य सेवा से जुड़े स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा सेवा के कर्मचारियों एवं शिक्षा जगत ने नाराजगी जाहिर किया है तथा शनिवार के लाभ से वंचित अन्य विभागों के कार्यालय से बाहर मैदानी क्षेत्रों में काम करनेवाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी शनिवार को काम के बदले अतिरिक्त वेतन-भत्ता की मांग करने का मानस बना रहे हैं। उक्त जानकारी जारी विज्ञप्ति में राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक देते हुये भूपेश सरकार से शनिवार अवकाश से वंचित लोगों के मामले में सोचने और रास्ता निकालने का आग्रह किया है। जारी संयुक्त विज्ञप्ति संघ के पूर्व प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अरुण तिवारी,वर्तमान प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक,रायपुर जिले के अध्यक्ष ओ पी पाल,कर्मचारी अधिकारी नेता क्रमश: डॉ विनोद वर्मा, टी आर देवांगन, चितरंजन साहा, सन्तोष ध्रुव, नागेन्द्र सिंह आदि ने कहा है कि कार्यालयीन सेवा के कर्मचारी साल में कम से कम 24-25 दिन से अधिक शनिवार अवकाश का लाभ लेंगे और कार्यालय सेवा से पृथक फील्ड के कर्मचारी अधिकारी इससे वंचित रहेंगे। यह किसी दृटिकोण से उचित नही होगा। अत: शनिवार अवकाश से वंचित लोगों हेतु आकस्मिक अवकाश का निर्धारित संख्या बढ़ाने दिशा में सरकार तत्काल निर्णय ले अथवा उन दिनों के काम के बदले में अतिरिक्त वेतन भत्ते में वृद्धि करने की मांग की हैं।



















