खरसिया । मानसून करीब है, वहीं गौठान से प्रभावित रास्ते की वजह से किसान अपने खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे। ऐसे में 10 से अधिक कृषकों ने जिलाधीश के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजा है।पुरानी बस्ती में निर्मित गौठान से प्रभावित कृषकों का कहना है कि सड़क मद की भूमि खसरा नंबर 366 पर मुरूम आदि डालकर रास्ता बनाया गया था। यह रास्ता कई किसानों के खेतों तक जाने का एकमात्र सहारा था। परंतु नवनिर्मित गौठान की वजह से यह रास्ता ब्लॉक हो गया है और किसान अपने खेतों तक पहुंच पाने में अक्षम हैं। वहीं मानसून सर पर है। ऐसे में सभी कृषक इस मामले को लेकर परेशान हैं। प्रभावित कृषकों ने बताया कि उन्होंने गौठान निर्माण के वक्त ही मंत्री उमेश पटेल से इस बाबत बात की थी और मंत्री उमेश पटेल ने भी निर्देश दिया था कि कृषि संबंधित ट्रैक्टर हार्वेस्टर आदि आसानी से आ जा सकें, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए परंतु क्या वजह है कि मंत्री उमेश पटेल के कहने के बावजूद यह कृषक अपने खेतों तक पहुंच पाने के लिए अब तक रास्ता तलाश रहे हैं। गौठान से प्रभावित कृषक भवानी शंकर राठौर सहित अनेक किसानों ने रास्ता खुलवाने के लिए कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में उल्लेख है कि हमारी पुश्तैनी कृषि भूमि पर सड़क खसरा नंबर 666 से आवागमन करते हैं। वहीं गौठान की वजह से यह रास्ता ब्लॉक हो गया है। पटवारी प्रतिवेदन के अनुसार यह जमीन सड़क मद की है। जिसे जन सहयोग से मुरूम पटान किया गया था और आवागमन का उपयोग किया जा रहा था। यह रास्ता इसलिए बनाया गया था कि हम कृषक अपने खेतों तक पहुंच सकें। परंतु गाैठान की वजह से यह रास्ता ब्लॉक हो गया है। वहीं खेती किसानी के दिन भी करीब आ गए हैं। ऐसे में इन किसानों को यदि न्याय नहीं मिलेगा, तो इतने कृषकों की कृषि भूमि बेवजह ही बंजर रह जाएगी।
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