प्रदेश में वृक्ष प्रत्यारोपण नीति लागू करने का किया वकालत
छ. ग.पर्यावरण मित्र समिति ने हरेली के पावन पर्व पर अपने समिति के सदस्यों के माध्यम से अलग अलग जगह पौधारोपन कर हरियाली बिखेरने का प्रयास किया।
जहाँ समिति के अध्यक्ष डाँ अश्वनी साहू ने अमलेशवर डीह में फलदार पौधे जामुन लगाया, वही वरिष्ठ सदस्य गीता लाल साहू ने महुदा (झीठ) में फलदार पौधे कटहल लगाये। समिति के वरिष्ठ सदस्य दुर्ग जिला प्रभारी कौशल वर्मा (होस्टल अधिक्षक) ने शासकीय प्री मीट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास कोटागांव,ब्लाक डोंडी जिला बालोद ,में अशोक, करन आम, अमरूद, नीबू, आंवला की पौधे लगाया।




उक्त कार्यक्रम में उनके सहयोगी, विवेक, राकेश, लेमन उपस्थित रहे। पौधारोपण की कड़ी को आगे बढाते हुये समित के विशेष सदस्य विशेश्वर साहू के नेतृत्व मे सुरडूंग (भिलाई ) मुक्ती धाम मे आम, बादाम, रीठा, पेंटापाम, पाम जैसे पौधो का पौधारोपण किया गया । जिसमे अशोक साहू, रिंक साहू, नीतिन साहू, प्रभाकर साहू, इंद्रकुमार सेन, उपस्थित रहे। पौधारोपण पश्चात समिति के विशेष कार्यकारिणी सदस्यों के द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर विशेष चर्चा किया गया। समिति के अध्यक्ष डाँ अश्वनी साहू व वरिष्ठ सलाहकार ललित बिजौरा ने बताया कि बहुत जल्दी ही माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से सौजन्य मुलाकात कर हमारे छत्तीस गढ में भी वृक्ष प्रत्यारोपण नीति लागू करने की मांग किया जायेगा, जिसके तहत किसी भी बडे वृक्ष को जरूरत पडने पर उसे काटने के बजाय उचित किसी भी अन्य जगह पर सुरक्षित ढंग से वैज्ञानिक तकनीकी से उखाड कर दूसरे जगह लगाना है, वृक्ष प्रत्यारोपण की नीति विश्व के कई देशों में लागू होने के साथ ही हमारे देश की राजधानी दिल्ली में भी लागू हैं, जिससे बडे वृक्ष की कटाई रुकने से पर्यावरण संरक्षण मे विशेष उपयोगी सिद्ध हो रहा हैं। यह नियम लागू होने से खासकर सडक चौडीकरण व बडे कैपिटल काम्प्लैक्स निर्माण के समय जो बडे बडे वृक्ष काट दिये जाते हैं ,जिससे पर्यावरण संरक्षण चक्र असंतुलित होकर प्रदूषित हो जाता हैं ,उनके संरक्षण में विशेष उपयोगी साबित होगा।


















