हमारे सौर मंडल के अंतरिक्ष का एक क्षुद्रग्रह 2005 RX3 62,820 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है. मीडिया की रिपोर्ट की मानें, तो यह क्षुद्रग्रह आज यानी रविवार 18 सितंबर को पृथ्वी के पास से गुजरेगा. हालांकि, इससे पहले भी कई क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से होकर गुजरे हैं, लेकिन चूंकि इसका आकार गुजरात में भारत भर से लोहा जमा करने के बाद बनाए गए स्टैचूय ऑफ यूनिटी से भी बड़ा बताया जा रहा है, इसलिए रविवार को पृथ्वी के नजदीक से गुजरने वाला क्षुद्रग्रह चर्चा का विषय बना हुआ है.
18 सितंबर को पृथ्वी के पास से गुजरेगा क्षुद्रग्रह – मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस हफ्ते की शुरुआत में अंतरिक्ष में गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से बड़ा एक क्षुद्रग्रह धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है. यह क्षुद्रग्रह करीब 210 मीटर ऊंचा है, जबकि गुजरात में भारत सरकार की ओर से बनाए गए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई करीब 192 मीटर है. मीडिया की रिपोर्ट में यह भी बताया जा रहा है कि क्षुद्रग्रह पृथ्वी से 47,42,252 किलोमीटर दूर है और इसके 18 सितंबर को पृथ्वी के पास पहुंचने की उम्मीद है.
क्या है क्षुद्रग्रह – रिपोर्ट में यह भी बताया जा रहा है कि करीब 4.6 अरब साल पहले जब सौर मंडल का गठन हो रहा था, उस समय कुछ चट्टान और अवशेष अंतरिक्ष में इधर-उधर बिखर गए थे. ये अवशेष ठीक उसी प्रकार बिखर गए थे, जैसे मकान बनाते समय छर्री, रेत और सीमेंट का कुछ हिस्सा बचा रह जाता है, जो बाद में जमकर पत्थर का रूप धारण कर लेता और घर के आसपास इधर-उधर बिखर जाता है. अंतरिक्ष में तैरने वाले क्षुद्रग्रह भी सौर मंडल के बचे हुए चट्टानों और अवशेष हैं.
पृथ्वी से कितनी है दूरी- रिपोर्ट के अनुसार, आम तौर पर क्षुद्रग्रहों को सौर मंडल में पृथ्वी के सबसे निकटतम की वस्तुओं के रूप में वर्गीकृत किया जाता है. यदि पृथ्वी से उनकी दूरी के बारे में बात की जाए, तो वह पृथ्वी से सूर्य की दूरी से करीब 1.3 गुना से कम है.



















