यदि आपको पता हो कि आपके आंख की रोशनी जाने वाली है, यानी आप अंधे होने वाले है तो आपका रिएक्शन क्या होगा और आप क्या देखना पसंद करेंगे. शायद आपका जवाब होगा कि मैं पूरी दुनिया देखना चाहूंगा…दरअसल आगे की खबर ही ऐसी है जिसकी वजह से उपरोक्त बातें हम कर रहे हैं. कनाडा में एक परिवार ऐसा ही है जो इस परेशानी से जूझ रहा है और दुनिया की सैर पर निकल पड़ा है. परिवार में माता-पिता के साथ छह लोग हैं. दुनिया का दौरा कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि परिवार के तीन बच्चों की आंख की रोशनी जल्द ही जाने वाली है.

कनाडाई दंपति एडिथ लेमे और सेबेस्टियन पेलेटियर के घर का बड़ा सदस्य यानी उनकी बेटी का नाम मिया है जो रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा से पीड़ित है. यह एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी है जिसमें समय के साथ दृष्टि बाधित होने लगती है. लेमे और पेलेटियर ने देखा कि उनके दो बेटे भी इस घातक बीमारी के लक्षण का अनुभव कर रहे हैं. उनके संदेश की पुष्टि 2019 में हुई. इस संबंध में नेशनल आई इंस्टीट्यूट ने अपनी राय रखी है. यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज की एक एजेंसी है. उसके अनुसार रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के लक्षण आमतौर पर बचपन में शुरू होते हैं, और ज्यादातर लोग अंततः अपनी दृष्टि खो बैठते हैं.

परिवार मार्च में छुट्टी के लिए निकला

डेली मेल ने इस खबर को प्रकाशित की है. खबर की मानें तो परिवार मार्च में छुट्टी के लिए निकला था, जिसका कोई निर्धारित कार्यक्रम तय नहीं है. परिवार ने अब तक नामीबिया, जाम्बिया, तंजानिया, तुर्की, मंगोलिया की सैर कर ली है. अब इंडोनेशिया में परिवार एक सप्ताह बिता रहा है. परिवार ने पहले 2020 में रूस और चीन की यात्रा शुरू करने का प्लान बनाया था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण वे घर से निकल नहीं सके. परिवार अपने आखिरी पोस्ट में मंगोलिया छोड़ते हुए नजर आ रहा था.

CNN Travel ने परिवार के सदस्य एडिथ लेमे से बात की है. बातचीत के क्रम में एडिथ लेमे ने कहा कि मैं बच्चों को किताब के बोझ तले नहीं दबाना चाहता हूं. मैं उन्हें विशाल दुनिया की सैर करवाना चाहता हूं ताकि उनकी यादों में सभी चीजें कैद रहे.

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