
रायपुर। छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गडपाले ने बताया कि दिवंगत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी साथी योगेश वानखेड़े को श्रद्धांजलि देने एवं 2 जिला समन्वयकों सौरभ मिश्रा बेमेतरा, आरती यादव शक्ति/अड्भार के बहाली के लिए कल 24 सितम्बर 7.00 बजे धरना स्थल, बुढापारा, रायपुर में कैंडल मार्च निकालेगा। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय योगेश वानखेड़े जो खाद्य विभाग इन्द्रावती भवन में कार्यरत था 20 सितम्बर को इन्द्रावती परिसर में आत्महत्या कर लिया। महासंघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर उनके परिवार को 50 लाख की सहायता एवं एक सदस्य को पक्की नौकरी देने की मांग की है तथा दिवंगत साथी द्वारा किन परिस्थितियों में आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा इसकी जाँच के लिए सरकार एस.आई.टी. गठित कर जाँच कराने और दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्यवाही करने अनुरोध किया है। इसी प्रकार छंटनी न करने के वादे के विपरीत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत कार्यरत 2 जिला समन्वयकों सौरभ मिश्रा बेमेतरा, आरती यादव शक्ति/अड्भार को हड़ताल में सम्मिलित के नाम पर कार्य से पृथक कर दिया है। वर्तमान में शासकीय कार्यालयों में कार्यरत लाखों अनियमित कर्मचारी मध्य-युगीन बंधुआ मजदुर से भी बदतर जीवन जीने मजबूर है। नियंत्रक अधिकारी इन कर्मचारियों की चरम सीमा तक शोषण कर रही है। अनियमित कर्मचारियों की नौकरी से निकालने, असंवैधानिक कार्य करवाने, कार्यालय कभी बुलाने, दबाव में डिप्रेशन में चले जाने, महिला कर्मचारियों को देर तक रोकने, नियंत्रक अधिकारी से विवाद होने की शिकायते निरंतर मिलती रहती है। ये कर्मचारी पारिवारिक जिम्मेदारी एवं नौकरी की असुरक्षा के कारण कोल्हू के बैल की तरह कार्य करते रहते है। इन प्रवृत्ति से अनियमित कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। सरकार द्वारा दिनांक 12.09.2022 को जारी तुगलकी फरमान ने प्रशासनिक संघर्ष को आग में घी डालने का काम किया है। एक तरफ सरकार किसी अनियमित कर्मचारी की छटनी नहीं करने का वादा किया है तो वही दूसरी और निरंतर छंटनी की जा रही है। हम ऐसे तुगलकी फरमान का कड़े शब्दों में निंदा करते है और सरकार से मांग करते है कि इस पत्र को वापस लें। सरकार अनियमित कर्मचारियों को 10 दिन में नियमित करने के अपने वादे को पूरा न कर अनियमित आन्दोलन को तोडऩे विभिन्न प्रकार की हथकंडे अपना रही है। हम प्रदेश के समस्त अनियमित कर्मचारियों से अपील करते है कि विषम परिस्थियों में धैर्य से काम लें एवं अपने उपर हो रहे अत्याचार का संवैधानिक तरीका से विरोध करें। यदि आवश्यक हो तो लिखित में महासंघ को अवगत करावें। समस्त अनियमित साथियों से अपील है आयोजित कैंडल मार्च में पहुँच कर हमारे साथियों को न्याय दिलाने में सहयोग करे।



















