• चन्द्रभूषण वर्मा

गांधी जयंती के अवसर पर ‘महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना’ की शुरुआत प्रदेश सहित जिले में भी की गई है। इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए रोजगार और आय के साधन उपलब्ध कराने के लिए गांव के गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित करना है। सरकार द्वारा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनायी जा रही है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखायी देने लगे हैं और वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।
ऐसी ही कहानी है धमतरी जिले के ग्राम हंचलपुर में संचालित गौठान एवं मल्टी एक्टिविटी सेंटर की, जहां रीपा के माध्यम से गौठान में औद्योगिक इकाई स्थापित कर ग्रामीणों को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इस मल्टी एक्टिविटी सेंटर में मुर्गी पालन, बकरीपालन, केंचुआ खाद निर्माण, मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित किया गया है। जिला प्रशासन ने नवाचार करते हुए हंचलपुर मल्टी एक्टिविटी सेंटर में गोबर पेंट यूनिट स्थापित किया है, जिसकी जिम्मेदारी गौठान में काम करने वाले चंचल महिला स्व सहायता समूह को दी गयी है।
गोबर पेंट बनाने का प्रशिक्षण
इस समूह की अध्यक्ष श्रीमती लकेश्वरी साहू ने बताया कि समूह से जुडऩे से पहले वे अपने पति के साथ खेती-किसानी का काम करती थी, लेकिन खेती के इस काम से वह संतुष्ट नहीं थी। वह आय के नये साधन तलाश कर रही थी। तभी विभागीय अधिकारियों ने उसे समूह से जुड़कर काम करने की समझाईश दी। कक्षा 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त कर चुकी लकेश्वरी साहू गांव के गौठान एवं मल्टी एक्टिविटी सेंटर से जुड़ते हुए गोबर पेंट बनाने की कला को सीखने की इच्छा जताई। चूंकि लकेश्वरी पढ़ी-लिखी, सक्रिय व समझदार महिला थी। समूह के सदस्यों के साथ उन्होंने कांकेर जिले के चारामा में गोबर पेंट बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटी लकेश्वरी व उसके साथियों ने अब हंचलपुर मल्टी एक्टिविटी सेंटर में ही गोबर पेंट बनाने का प्रयोग शुरू किया।
शुरूआती दिक्कतों के बाद भी नहीं टूटा हौसला
शुरूआत में कुछ दिक्कतें आयी फिर साथियों की मदद से सब ठीक हो गया। लकेश्वरी अब अपने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर प्रतिदिन लगभग 500 लीटर गोबर पेंट तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक उनके समूह द्वारा 1300 लीटर से ज्यादा का गोबर पेंट तैयार कर लिया गया है।
गोबर पेंट की 8 खूबियां
लकेश्वरी ने गोबर पेंट की खूबी बताते हुए कहा कि गोबर पेंट की एंटी बैक्टीरीया, एंटी फंगल, इको फ्रेंडली, नेचुरल थर्मल इंसुलेटर, कॉस्ट इफेक्टिव, फ्री फ्राम हेवी मेटल, नॉन आक्सीस, और आर्डर लेस गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में भारी मांग की संभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए हमारे समूह के सभी सदस्य पूरी तरह तैयार है।
हो रही 2 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदी
ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजनान्तर्गत गौठानों में 200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गोबर खरीदी की जा रही है। इस गोबर का उपयोग जैविक खाद के अलावा गोबर से पेंट बनाने में किया जा रहा है। कोण्डागांव जिले के मर्दापाल रोड स्थित शहरी गौठान में 26 जनवरी 2023 को गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण इकाई का लोकार्पण किया गया है। जहां स्व सहायता समूह की 10 महिलाओं द्वारा गोबर से प्राकृतिक पेंट का निर्माण किया जा रहा है। इस आयमूलक गतिविधि से जहां इन महिला समूहों की आय में वृद्धि हो रही है वहीं स्कूलों, आश्रम-छात्रावासों सहित शासकीय भवनों तथा आम लोगों के घरों के लिए किफायती दर पर इमल्शन एवं डिस्टेंपर आसानी के साथ सुलभ हो रहा है।

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