गुजरात में बिपरजॉय चक्रवाती तूफान के बीच प्रभावित जिलों से कई सुखद समाचार भी मिले हैं। तूफान से प्रभावित 8 जिलों में 1152 गर्भवती महिलाओं का स्थलांतरण करा कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। इनमें से 707 महिलाओं की सफलतापूर्वक प्रसूति के बाद उनके घर खुशी का वातावरण है। एक साथ दो-दो जीवन की रक्षा को लेकर लोग प्रशासन के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने चक्रवाती तूफान से पूर्व जीरो कैजुअल्टी का लक्ष्य तय कर पूर्व तैयारियों को अंजाम तक पहुंचाया था। इसकी वजह से बीमार, वृद्ध, बच्चे और गर्भवती महिलाओं का स्थलांतरण कर उन्हें सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया था। प्रभावित 8 जिलों और इनके अंतर्गत आने वाली महानगर पालिकाओं में सावधानी के तौर पर पहले से ही गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी सूची तैयार की गई थी। इन सभी को एम्बुलेंस के जरिए हॉस्पिटल, स्वास्थ्य केन्द्रों और सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया।
जिन महिलाओं के प्रसूति के दिन निकट थे, उनका विशेष ध्यान रखा गया। उन सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया और साथ ही दवा व अन्य जरूरी चीजों की उपलब्धता का खास ध्यान दिया गया। इसके परिणामस्वरूप कच्छ जिले में सर्वाधिक 552, राजकोट में 176, देवभूमि द्वारका में 135, गिर सोमनाथ में 94, जामनगर में 62, जूनागढ़ में 58, पोरबंदर में 33, राजकोट महानगर पालिका में 26, जूनागढ़ में 8 और मोरबी व जामनगर में 4-4 मिलाकर कुल 1152 गर्भवती महिलाओं को तूफान पूर्व ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
इन सभी महिलाओं में कच्छ जिले से सर्वाधिक 348, राजकोट से 100, देवभूमि द्वारका से 93, गिर सोमनाथ से 69, पोरबंदर से 30, जूनागढ़ से 25, जामनगर से 17, राजकोट महानगर पालिका से 12, जूनागढ़ मनपा से 8, जामनगर मनपा से 4 और मोरबी जिले से 1 मिलाकर कुल 707 महिलाओं का हॉस्पिटल और स्वास्थ्य केन्द्र में सफलतापूर्वक प्रसूति कराई गई। इस पूरे अभियान में चिकित्सकीय स्टाफ के साथ 302 सरकारी और 202 अन्य एम्बुलेंस दिन-रात जुटे रहे।
तूफान को ध्यान में रखते हुए इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं हो, इसके लिए सभी जरूरी दवाएं, डीजल, 197 आधुनिक जेनरेटर की व्यवस्था की गई। साथ ही कच्छ में अतिरिक्त 10, द्वारका में 5 और मोरबी में 2 मिलाकर कुल 17 अतिरिक्त एम्बुलेंस की व्यवस्था सरकार की ओर से कराई गई। चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं से रूबरू या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मॉनिटरिंग कर उनकी समुचित व्यवस्था की।














