Author: NEWSDESK
कोरबा। जिले के शहरी क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को कच्चे और झोपड़पट्टी के मकानों में रहने की मजबूरी खत्म हो रही है। शासन की महत्वाकांक्षी मोर जमीन-मोर मकान योजना अंतर्गत शहरी क्षेत्र के गरीब लोगों को पक्के मकान में रहने की सुविधा मिल रही हैं। नगर पालिका परिषद कटघोरा के वार्ड क्रमांक 13 में निवास करने वाले श्री हरीश चंद्र पटेल को अपने पुराने कच्चे मकान से छुटकारा मिल गया है। शासकीय योजना के सहयोग से हरिशचंद्र और उनके परिवार को पक्के मकान में रहने का लाभ मिल पा रहा है। गरीबी स्थिति के साथ जीवन यापन करने और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करने वाले हरिशचंद्र के लिए पक्के मकान की सोच बहुत दूर की बात थी। खराब आर्थिक स्थिति हरिश्चंद्र को कच्चे मकान में रहने को मजबूर करता था। कच्चे मकान में बारिश के मौसम में पानी भरने और जगह-जगह दरारों से पानी आने की समस्या से भी जूझना पड़ता था। कच्चेे मकान के टूटी दीवारों से सांप बिच्छूओं के आने का भी खतरा सताता रहता था। हरिशचंद्र के मन में पक्का मकान बनाने और परिवार को रहने लायक अच्छा आवास देने की सोच तो आती थी, लेकिन खराब आर्थिक स्थिति मकान बनाने के लिए पैसा लगा पाने की इजाजत नहीं देती थी। पक्का मकान उनके लिए एक सपना जैसा हो गया था।शासकीय विभागों से श्री हरीशचंद्र पटेल को शासन द्वारा पक्के आवास बनाकर देने वाली योजना के बारे में जानकारी मिली। नए मकान बनने की योजना सुनकर हरिश्चंद्र के मन में पक्के मकान में रहने की उम्मीद जगी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंतर्गत मोर जमीन-मोर मकान योजना के तहत आवास निर्माण के लिए आवेदन किया। आवेदन करने के पश्चात कुछ दिनों में हरिशचंद्र के लिए पक्का मकान बनाने की स्वीकृति भी विभाग में मिल गई। शासकीय योजना के तहत हरिश्चंद्र के पक्के मकान का निर्माण किया गया। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरिशचंद्र को सर्वसुविधा युक्त आवास प्राप्त होने पर उनके सामाजिक मान-सम्मान में भी वृद्धि हो गई। पक्का मकान मिलने से हरिशचंद्र और उनके परिवार को बरसात के समय कच्चे छप्पर से पानी टपकने जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है। पक्के मकान के बन जाने से हरिशचंद्र और उनके परिवार को मिट्टी के मकान में रहने से आजादी भी मिल गई है। गरीब लोगों को पक्का मकान बनाकर देने की इस योजना से हरिशचंद्र काफी खुश है और पूरे परिवार सहित शासन का आभार प्रकट करते हैं।मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद कटघोरा ने बताया कि नगरपालिका कटघोरा क्षेत्र अंतर्गत मोर जमीन-मोर मकान योजना के तहत कुल 884 आवास स्वीकृत हुआ है। स्वीकृत आवासों में से 552 आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है तथा 151 आवासों का निर्माण प्रगतिरत है। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत शहरी क्षेत्र में गरीब लोगों को पहले से निवासरत् जगह पर ही उनके कच्चे मकान के बदले पक्का मकान बना कर दिया जा रहा है। शासन की योजना से गरीब लोगों को झोपड़ पट्टियों या कच्चे मकान में रहने से आजादी मिल रही है।
‘राष्ट्रपिता ‘महात्मा गांधी जयंती’’ के अवसर पर सिरपुर के रायकेरा तालाब में सैलानियों के लिए मोटर बोट शुरू हो गयी। मैकेनाईज मोटर बोट एवं फ्लोटिंग जे.टी. का आज इसका लोकार्पण हुआ। इस दौरान मेसर्स अक्षांश वाटर स्पोर्ट्स के संचालक को अतिथियों द्वारा चॉबी सौंपी गयी। इसके साथ ही आज से सैलानियों को इसकी सुविधा मिलने लगेगी। अतिथियों ने बोट से तालाब की सैर की। इस दौरान संसदीय सचिव एवं महासमुंद विधायक विनोद चंद्राकर वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में उपस्थित थे। मोटर बोट में घूमने की दर (टिकट) प्रति व्यक्ति 50 रुपए और अवयस्क बच्चों के लिए 25 रुपए निर्धारित किया गया है। तीन साल से कम उम्र के बच्चों का कोई टिकट नहीं लगेगा। सुन्दर सुगंधित उपवन वाटिका भी तैयार की जा रही है। इसके साथ सैलानियों को सिरपुर के ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ लोगों को जैव विविधता का एहसास भी होगा। सिरपुर, डोंगरगढ़ और मैनपाट को टूरिज्म सर्किट से जोडऩे की तैयारी की जा रही है। पर्यटन सर्किट से जुड़ जाने से इस ओर सैलानियों का रूझान बढ़ेगा। जल्दी ही सिरपुर पूरे विश्व मानचित्र पर अंकित होगा। छत्तीसगढ़ हमेशा से देवभूमि रहा है। सिरपुर शिव, वैष्णव, बौद्ध, हिन्दु धर्मों सहित अन्य धर्मों का प्रमुख केन्द्र भी है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल माह अप्रैल में सिरपुर बौद्ध महोत्सव में शामिल हुए थे। उन्होंने सिरपुर के विकास के लिए 213.43 लाख के कार्यों की घोषणा की। इनमें 25 लाख रुपए से भव्य स्वागत गेट का निर्माण, 73.15 लाख रुपए से सिरपुर मार्ग पर 04 तालाबों का सौंदर्यीकरण, 45.28 लाख रुपए से सिरपुर मार्ग पर 05 सुन्दर सुगंधित उपवन निर्माण, कोडार-पर्यटन (टैटिंग व बोटिंग) 31.76 लाख रुपए, कोडार जलाशय तट पर वृक्षारोपण 17.38 लाख रुपए से और सिरपुर के रायकेरा तालाब के लिए 30.86 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे है। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप सभी काम अंतिम चरण में है।उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानितइस दौरान अतिथियों ने महासमुन्द जिले को शत्-प्रतिशत् वैक्सीनेट होने पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया। इसके अलावा तीन मत्स्य पालक समूह के कृषकों को आईस बॉक्स एवं जाल सौंपा गया।कलेक्टर एवं सीईओ ने नन्हे-मुन्ने बच्चों को खुद भोजन परोसा मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने सिरपुर में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् नन्हे-मुन्ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं एवं शिशुवती माताओं को गर्म पौष्टिक भोजन परोसा। मालूम हो कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का शुभांरभ महासमुंद ज़िले में 02 अक्टूबर 2019 को आंगनबाड़ी केन्द्र बरोंडाबाज़ार से किया गया था। अभियान का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण को कम करने एवं महिलाओं, किशोरी बालिकाओं में एनिमिया को कम करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में कुपोषण को कम करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाती है। सभी पात्र हितग्राहियों को गर्म भोजन प्रति सोमवार, बुधवार और शुक्रवार दिया जा रहा है ।
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