टेक्नोलॉजी की दुनिया में हमेशा नए और चौंकाने वाले प्रयोग करने के लिए मशहूर जापान के साइंटिस्टों ने स्पेस में ले जाने वाली लिफ्ट यानी स्पेस एलिवेटर को विकसित करने पर काम शुरू किया है। साल 2018 में शिजुका युनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक मिनी एलिवेटर की टेस्टिंग की थी और उसी के आधार पर अब 2025 में काम शुरू किया जाएगा। इस स्पेस एलीवेटर से अंतरिक्ष में जाने का खर्चा बेहद काम हो जाएगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह काम 2025 में शुरू होगा और साल 2050 तक इस स्पेस एलीवेटर द्वारा अंतरिक्ष की सैर का सपना पूरा होने की उम्मीद है।

120 साल पहले देखा गया था स्पेस एलीवेटर का सपना – रिपोर्ट के मुताबिक अगले हफ्ते जापान की स्पेस एजेंसी द्वारा एक H-2B रॉकेट इस स्पेस एलिवेटर टेस्ट के लिए जरूरी सामान अंतरिक्ष तक ले जाएगा। आपको बतादें कि दुनिया में स्पेस एलिवेटर का सपना सदियों से देखा जा रहा है। साल 1895 में रूसी वैज्ञानिक कांस्टेंट ने पेरिस के एफिल टावर को देखने के बाद पहली बार स्पेस एलीवेटर बनाने का विचार किया था। इस के करीब 120 साल बाद अब अंतरिक्ष तक ले जाने वाली स्पेस एलीवेटर का शुरुआती ट्रायल शुरु हो चुका है। फीजिक्स वेबसाइट के मुताबिक भविष्य की यह स्पेस एलीवेटर धरती पर किसी पोर्ट से लांच होगी और एक कटेंनर की मदद से लोगों को धरती के ऑर्बिट स्टेशन तक ले जाएगी। जिसकी ऊंचाई करीब 36000 किलोमीटर होगी। अंतरिक्ष में ऐलीवेटर केबल को सपोर्ट देने के लिए 2 बड़े सैटेलाइट्स मिलकर एक बेस स्टेशन तैयार करेंगे, जो एलीवेटर सिस्टम के पूरे वजन को सहने में सक्षम होंगे।

स्टील से 20 गुना मजबूत होगी एलीवेटर केबल – शिजूका यूनीवर्सिटी के साथ मिलकर इस स्पेस एलीवेटर प्रोजेक्ट पर काम कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनी का कहना है। इस एलीवेटर के लिए वो कार्बन नैनोट्यूब तकनीक का इस्तेमाल करेंगे, जिसकी मजबूती स्टील से 20 गुना ज्यादा होगी। इससे ही लिफ्ट का मेन शाफ्ट तैयार होगा। इस पर ही खिसकते हुए स्पेस एलीवेटर लोगों को 60 हजार मील यानि करीब 96 हजार किमी ऊँचाई तक ले जाएगी।

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