रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग को लेकर राज्य कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के बैनरतले जमकर प्रदर्शन किया। आपको बता दें कि देश के 27 राज्यों में आज 29 सितंबर को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम मांग पत्र कलेक्टर के माध्यम से प्रेषित किया गया।

संघ के प्रांताध्यक्ष राकेश साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ से संबद्ध है जो कि पूरे देश में 27 राज्यों के कर्मचारियों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है के आव्हान पर आज 29 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रेषित मांग पत्र में उल्लेखित मांगों के संबंध में बताया कि एनपीएस पेंशन योजना रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाये, श्रम कानून एवं कृषि कानून में किये गये परिवर्तन वापस लिया जाये, कोविड 19 की रोकथाम में लगे समस्त कर्मचारियों का सुरक्षा बीमा अनिवार्य रूप से किया जाये तथा सभी राज्यों में जीवन रक्षक दवाओं, आक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चत हेतु निर्देशित किया जाये, ठेका प्रथा पर रोक लगाकर रिक्त पदों पर नियमित भर्ती किया जाये, अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाये, सार्वजनिक संस्थाओं एवं उपकरणों के निजीकरण वापस लिया जाये, समस्त राज्यों को जीएसटी सहित दिये जाने वाले राजस्व अतिशीघ्र जारी किये जाये।

इसी तरह राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रेषित पत्र में उल्लेखित मांगों के संबंध में श्री साहू ने बताया कि श्री बघेल को प्रेषित पत्र में निम्र मांगों को शामिल किया गया है, जिनमें 1 एनपीएस रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाये, 2 कोविड 19 की रोकथाम में लगे समस्त कर्मचारियों का सुरक्षा बीमा अनिवार्य रूप से किया जाये, 3 ठेका प्रथा पर रोक लगाकर रिक्त पदों पर नियमित भर्ती किया जाये, अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाये, 4 जनघोषणा पत्र के क्रियान्वयन में अल्प मानदेयी, दैनिक वेतनभोगी तथा जिन्हें पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बेरोजगार कर दिया गया था, जैसे बाल श्रमिक विद्यालय के शिक्षा कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया जाये, ऐसे कर्मचारी जिनका वेतन कलेक्टर दर से कम है कि मांगों पर प्राथमिकता दी जाये, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कोटवार, भंडार गृह निगम के कर्मचारी, प्रशिक्षित गौ सेवक, मध्यान्ह भोजन रसोइया, सफाई सेवक, ग्राम पटेल, जनस्वास्थ्य रक्षक, मलेरिया वर्कर, पंचायत सचिव तथा संविदा में कार्यरत कर्मचारी। 5 लिपिक सहित समस्त संवर्ग, महिला पर्यवेक्षिका, अधीनस्थ लेखा सेवा, शिक्षक संवर्ग, सहित अन्य संवर्ग के क्रमोन्नति पदोन्नति वेतन विसंगति दूर करने की कार्यवाही किया जाये। 6 अनुकंपा नियुक्ति पर से रोक हटाई जाये, पूर्व राज्य परिवहन निगम के 10 वर्षों से पीडि़त कर्मचारियों को माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार तत्काल आदेश जारी किया जाये, सभी विभागों में 10 प्रतिशत का सीमा समाप्त कर एक सप्ताह में नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया जाये। 7 वेतनवृद्धि, डीए, सातवें वेतन आयोग के एरियर के भुगतान संबंधी रोक हटाई जाये तथा मूलभूत नियम में परिवीक्षा वेतन संबंधी संशोधन वापस लिया जाये। 8 राज्य में कोविड 19 के पीडि़तों को ऑक्सीजन सिलेंडर एवं जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति शासकीय दर पर सुनिश्चित रखने निर्देश जारी किया जाये। 9 स्वास्थ्य विभाग में बर्खास्त किये गये संविदा कर्मचारियों को बहाल किया जाये तथा उनकी मांगों पर चर्चा कर निर्णय लिया जाये। आज के विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारीगण एवं संघ के पदाधिकारीगण शामिल हुए।


















