राजनांदगांव। कोरोना संक्रमण के खतरे का दौर तथा प्रशासनिक स्तर पर जागरूकता के प्रयास का एक सकारात्मक पहलू कहा जा सकता है कि, स्वच्छता के साथ-साथ हाथ धुलाई अब बहुतों की आदत में शामिल हो गई है। आबादी का एक बड़ा हिस्सा बीमारियों के खतरे को भांपकर अनिवार्य रूप से हाथ धोने लगा है। इसके अलावा हाथ धुलाई के प्रति लोगों को प्रेरित करने हेतु जिले भर में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता आवश्यक है, यह बात शहरवासियों ने बखूबी समझ लिया है और तभी कई घरों में हाथ धुलाई को अब प्राथमिकता के साथ आदत में शामिल होते देखा जा रहा है। युवा व्यवसायी मनीष जैन ने बताया, कोरोना संक्रमण से पहले हाथ धुलाई के मामले में वह काफी लापरवाह थे, लेकिन अब न सिर्फ समय-समय पर साबुन से हाथ धोते हैं, बल्कि सैनिटाइज भी करते हैं। ऐसी ही आदत अब परिवार के सभी लोगों की है। प्रीति सोनी पेशे से शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया, नियमित रूप से हाथ धुलाई अब उनकी और उनके बच्चों की आदत का ही एक हिस्सा है। घर पर सभी साबुन से हाथ धोने के बाद ही भोजन करते हैं, क्योंकि अच्छी सेहत के लिए स्वच्छता जरूरी है। इसी तरह कोरोना संक्रमण के दृष्टिकोण से भी प्रशासनिक स्तर पर स्वच्छता संबंधी आदतों, क्रिया-कलापों एवं कार्यक्रमों को व्यापक रूप से प्रचारित-प्रसारित किया जा रहा है। स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ही हर साल 15 अक्टूबर को देश भर में हाथ धुलाई दिवस मनाया जाता है। इस बार भी जिले के लोगों को विभिन्न माध्यमों से हाथ धुलाई के तरीके व इसका महत्व बताकर उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इस बारे में सीएमएचओ राजनांदगांव डॉ. मिथलेश चौधरी ने बतायाए हाथ धुलाई के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं व मितानिनों के माध्यम से जिले में नियमित रूप से प्रयास किए जा रहे हैं। हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर जिले के अस्पतालों व आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को हाथ धुलाई के प्रति प्रेरित किया जाएगा। इस दिन केवल हाथ धुलाई ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक स्वच्छता व जागरूकता संबंधी वातावरण तैयार किया जाएगा। डॉ. चौधरी ने बताया, कई प्रकार के संक्रमण से बचाव के लिए हाथ धुलाई आवश्यक है। साबुन से हाथ धोने से डायरिया, दस्त, पीलिया जैसे रोगों से बचा जा सकता है। प्राय: देखा गया है कि बच्चों को हाथ धुलाई की जानकारी नहीं रहती है और इससे वह जाने-अनजाने में कई बीमारियों के शिकार हो जाते हैं।
साबुन से हाथ धोएं तो और भी अच्छा…
सरिता नामदेव पेशे से एक नीजि अस्पताल में नर्स हैं। अपना ज्ञान साझा करते हुए उन्होंने बताया-जीवाणु, विषाणु और परजीवी से डायरिया, मलेरिया, हैजा, फाइलेरिया आदि बीमारियां होती हैं। मात्र साबुन से हाथ धोने से ही इस तरह की बीमारियों में 40 प्रतिशत से अधिक एवं श्वसन संक्रमणों में 30 प्रतिशत से अधिक की कमी हो सकती है। 80 प्रतिशत बीमारियां दूषित पानी एवं स्वच्छता की कमी के कारण होती हैं। ऐसे में बच्चे जल्द बीमारियों के शिकार होते हैं, इसलिए इन्हें साबुन से हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए।
इधर, कोरोना के खिलाफ एक और तैयारी…
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया, कोरोना को नियंत्रित करने की दिशा में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 16 से 22 अक्टूबर तक कोरोना सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से हर एक को मॉस्क लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके अलावा कोरोना नियंत्रण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों को ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर तक विस्तारित करने की योजना है।

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