विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब जल जीवन मिशन को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू किया। बहस के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इस कदर बढ़ा कि सदन की मर्यादा खतरे में पड़ गई, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को सख्ती से हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रश्नकाल में उठा जल जीवन मिशन का मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने जल जीवन मिशन में कथित गड़बड़ियों और धीमी प्रगति को लेकर सवाल उठाए। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से जवाब आते ही दोनों पक्षों में बहस तेज हो गई। बात-बात में अजय चंद्राकर और देवेंद्र यादव आमने-सामने आ गए और सदन में तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई।
स्पीकर ने दोनों विधायकों को लगाई फटकार
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने दोनों विधायकों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा: “विधानसभा सड़क नहीं है, जहां आप इस तरह के लहजे में बोलें। आप लोग एक-दूसरे को देखकर बात कर रहे हैं जबकि सदन की परंपरा है कि आसंदी की ओर देखकर बात की जाए।”
उन्होंने आगे कहा कि पक्ष और विपक्ष दोनों को आसंदी की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। पूरे देश की निगाहें इस सदन की कार्यवाही पर होती हैं। प्रश्नकाल में इस तरह का हंगामा उचित नहीं है।
सदन में फिर लौटी व्यवस्था
स्पीकर की सख्त टिप्पणी के बाद दोनों पक्ष शांत हुए और कार्यवाही आगे बढ़ी। हालांकि यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि राजनीतिक टकराव का असर सदन की गरिमा पर पड़ रहा है, और इसे लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ा संदेश दे दिया है।



















