रायपुर। छत्तीसगढ़ में बनाए जा रहे गोबर के दीयों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। दन्तेवाड़ा के राष्ट्रीय आजीविका मिशन की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा पहली बार 35 हजार आकर्षक दीये तैयार किये हैं। अब ये दीये देश के बड़े शहरों जैसे नागपुर, मुंबई और पुणें में अपना प्रकाश बिखेरेंगे। इन समूूहों द्वारा तैयार लगभग 60 हजार रूपये के 15 हजार दीये नागपुर शहर के अवसर फाउंडेशन द्वारा क्रय किया गया है। ये दीये आकर्षक होने के साथ ही पर्यावरण के अनुकूल हैं। उपयोग के बाद इन्हें खाद के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। गोबर निर्मित सामानों की मांग बढऩे सेे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के साधन के साथ मजबूत आधार मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा गोधन के समुचित उपयोग को बढ़ावा देने से रोजगार के नये रास्ते खुले हैं। महिलाओं को उनके घरों पर ही आर्थिक आय बढ़ाने के साधन उपलब्ध हो रहे हैं। पूजा-पाठ के लिए गोबर का उपयोग पवित्र और शुद्ध माना गया है इसे देखते हुए महिलाओं ने दीयों के अलावा मूर्तियां, शुभ-लाभ, हवन कुण्ड जैसे कई सामान तैयार किये हैं। तैयार सामानों के विक्रय के लिए भी प्रशासन महिलाओं को सहयोग कर रहा हैं जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है। महिलाओं द्वारा तैयार गोबर के दीयों और अन्य सामान को दीपावली के अवसर पर अन्य क्षेत्रों में भी विक्रय हेतु कलेक्टर दीपक सोनी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी अश्विनी देवांगन ने वाहन रवाना किया है।
छत्तीसगढ़ के इकोफ्रेंडली दीयों से रौशन होगी देश के विभिन्न महानगरों की दीवाली
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