प्रदेश में दिसंबर में शीतलहर चलने का ट्रेंड रहता है। खासकर उत्तर व मध्य छत्तीसगढ़ में शीतलहर चलती है। सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों पर पारा 4 से 5 डिग्री तक लुढ़क जाता है। राजधानी में पारा 11-12 डिग्री पर आ जाता है। वहीं आउटर में 8 से 9 डिग्री पर रहता है। यानी कड़ाके की ठंड पड़ती हैं। इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होता हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा। 2 दिसंबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहने व हल्की बारिश होने की संभावना है।
साइक्लोन दितवाहा के कारण प्रदेश में ठंड गायब सी हो गई है। राजधानी में सोमवार को न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री रहा। यह सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक रहा। प्रदेश में सबसे कम तापमान अंबिकापुर का 10.4 डिग्री रहा। साइक्लोन के कारण रात का तापमान बढ़ रहा है। पेंड्रारोड, अंबिकापुर व दुर्ग को छोड़कर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री तक ज्यादा चल रहा है। अधिकतम तापमान भी कहीं सामान्य से ज्यादा व कम है। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में ठंड कम हुई है। इसकी मुख्य वजह साइक्लोन ही है। मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर के मौसम विज्ञानियों के अनुसार साइक्लोन कमजोर होकर कम दबाव का क्षेत्र में बदल गया है। इससे प्रभावित तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश व पुडुचेरी में नुकसान की आंशका है। राजधानी में मंगलवार को अधिकतम तापमान 28 व न्यूनतम तापमान 17 डिग्री रहने की संभावना है। हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। बादल छाने से न्यूनतम तापमान बढ़ व अधिकतम घट जाता है। आसपान साफ रहने से ठंड में बढ़ोत्तरी होती है।
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