राजनांदगांव। पुरूष नसबंदी पखवाड़ा के प्रथम चरण में मोर मितान-मोर संगवारी कार्यक्रम लक्ष्य दंपत्तियों की भ्रांतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से चौपाल लगाकर इच्छुक लक्ष्य दंपत्तियों को पुरुष नसबंदी के विषय में विस्तृत जानकारी देकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में पुरूष नसबंदी के लिए चलाए गए मोबिलाइजेशन सप्ताह में भी पुरुष नसबंदी के प्रति लोगों को विभिन्न माध्यमों से प्रेरित करने का प्रयास किया गया तथा जिले में पुरुष नसबंदी जागरूकता रथ निकालकर भी विभिन्न संदेश प्रचारित किए गए। पुरूष नसबंदी पखवाड़ा के पहले चरण में 21 से 27 नवंबर तक पुरूष नसबंदी के लिए संभावित लाभार्थियों का पंजीयन भी किया गया है। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग द्वारा निकाला गया पुरुष नसबंदी जागरूकता रथ चौथे दिन जिले के डोंगरगांव व छुरिया ब्लाक तथा पांचवे दिन मानपुर-मोहला और चौकी ब्लॉक पहुंचा। इस दौरान संबंधित स्थानों पर मोर मितान-मोर संगवारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों को पुरुष नसबंदी के फायदे बताकर पुरुष नसबंदी के विषय में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया गया। जागरुकता रथ के माध्यम से चौक-चौराहों पर भी पुरुषों को स्पष्ट रुप से यह समझाने का प्रयास किया गया कि, भ्रांतियों को लेकर डरिए नहीं बल्कि परिवार नियोजन में भागीदार बनिए, क्योंकि पुरुष नसबंदी कराना बहुत ही सरल प्रक्रिया है जो मात्र 10 मिनट में पूर्ण हो जाती है। मोबिलाइजेशन सप्ताह के बाद अब द्वितीय चरण में 28 नवंबर से 4 दिसंबर तक नसबंदी की प्रक्रिया की जाएगी। पखवाड़े के अंतर्गत समस्त गतिविधियों को कोविड-19 से संबंधित समस्त सावधानियों को सुनिश्चित करते हुए मनाया जा रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की डीटीओ डा. अल्पना लुनिया ने बताया, पुरुष नसबंदी पखवाड़े के दूसरे चरण में 28 नवंबर से प्रतिदिन पांच-पांच नसबंदी करने की व्यवस्था बनाई गई है। पुरुष नसबंदी से लाभ के बारे में इच्छुक दंपत्तियों को लगातार जानकारी दी जा रही है जिससे कि दंपत्ति बिना कोई भय अथवा दबाव के निर्भीक होकर नसबंदी की सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। वहीं राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश चौधरी ने बताया, प्रथम चरण के पुरुष नसबंदी पखवाड़े में मोर मितान.मोर संगवारी कार्यक्रम के तहत योग्य और लक्ष्य दंपत्तियों की भ्रांतियों को दूर करने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा पुरूष और महिला नसबंदी पर फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया गया। इस दौरान लोगों को बताया गया किए पुरुष नसबंदी बहुत ही सरल है तथा यह कम समय में होने वाली प्रक्रिया है। साथ ही इसमें कोई तकलीफ भी नहीं होती है, जबकि महिला नसबंदी कराना एक जटिल प्रक्रिया है और इसमें महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना पड़ता है और घरेलू कार्य भी प्रभावित होता है। उन्होंने बताया, शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लिए प्रथम चरण की अवधि में जो लोग पूर्व में नसबंदी की सेवाएं प्राप्त कर चुके हैं, उन दंपत्तियों को भी चौपाल में बुलाकर उनके माध्यम से लोगों को प्रोत्साहित करने की अपील करने को कहा गया है।
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