रायपुर। राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे ने किसान मोर्चा के मुख्यालय छत्तीसगढ़ी भवन से आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजकर कुर्सी को अहंकार का दानव बताते हुए कहा है कि किसान अपनी बातों को रखने के लिए दिल्ली आ रहे हैं। लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बातों को रखने का और आंदोलन करने का अधिकार है। किसानों ने ऐसा कौन सा कार्य कर दिया जिससे केंद्र के दिल्ली सरकार हिल गई और चैन की नींद समाप्त हो गई।पंजाब,हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के किसानों ने दिल्ली कूच किया और बॉर्डर में ही दिल्ली सरकार ने चारों ओर घेरा डालकर लाठी, पानी से हमला कर दिया। मोदी सरकार को इसका जबाब देना होगा। देश का किसान जो सत्ता बनाता है और सत्ते से बेदखल करता है। किसानों पर हुए हमले मोदी सरकार के लिए उल्टी गिनती का शंखनाद है। मोदी सरकार किसानों के लिए पारित तीनों प्रस्ताव रद्द कर अपनी गलती को सुधार करे। राज्य आंदोलनकारी प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे के हस्ताक्षर से प्रधानमंत्री को पत्र भेजा गया।
किसानों का दिल्ली कूच मोदी सरकार ने आपात काल से क्रूर बर्ताव किसानों से किया, कोविड काल और सर्द मौसम में किसानों पर पानी की बौछार जलियांवाला बाग की याद दिलाती है-मोर्चा
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