कर्तव्य पथ पर आज भारतीय वायुसेना का शौर्य का फॉर्मेशन भी देखना को मिला. पहलगाम में हुए आतंकी पर पलटवार करते हुए भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान में आतंकियों के 9 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. आज वायुसेना की उस वीरता का देश भी गवाह बना. भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन बनाकर देश को गर्व करने का मौका दिया.
ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन में जब भारतीय वायुसेना के विमान गरजते हुए कर्तव्य पथ पर से गुजरे तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा कर्तव्यपथ गूंज उठा. सिंदूर फॉर्मेशन में 2 राफेल,, 2 सुखोई, 2 मिग 29 और एक जगुआर लड़ाकू विमान शामिल था. ग्रुप कैप्टन रघुवंशी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन बनाया गया.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया. जैसे ही तिरंगा फहराया गया, राष्ट्रगान की मधुर धुन गूंजी और स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गनों से 21 तोपों की सलामी दी गई, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया. इस अवसर पर राष्ट्रपति के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों अतिथियों का सलामी मंच पर स्वागत किया. परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति और मुख्य अतिथियों को भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट ने कर्तव्य पथ तक पहुंचाया. पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का भी स्वागत किया.
पाकिस्तान के आतंक को भारत का जवाब था ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने यह स्पष्ट फैसला कर लिया था कि वो पाकिस्तान के पाले-पोसे गए आतंकवाद के खिलाफ ‘निर्णायक कदम’ उठाएगा. इसी के तहत 6 और 7 मई की दरमियानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देश की सेना, नौसेना और वायु सेना ने मिलकर सिर्फ 22 मिनट में पाकिस्तान के नौ आतंकवादी शिविरों को ‘सटीकता’ से निशाना बनाया.
सेना प्रमुख और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बार-बार कहा है कि कहा ऑपरेशन सिंदूर’ अब भी जारी है और दुश्मन के हर कदम पर हमने कड़ी नजर रखी हुई है.














