चंडीगढ़ : पूर्व MLA नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान करके पंजाब की पॉलिटिक्स में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस छोड़ने के साथ ही उन्होंने अपना अगला प्लान भी शेयर किया है। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपने पॉलिटिकल भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए साफ किया है कि वह फिलहाल पॉलिटिक्स से दूर आध्यात्मिक रास्ते पर चल रही हैं। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि वह शायद उन बहुत कम लोगों में से हैं एक है जो पॉलिटिकल वजहों से न BJP न AAP या किसी दूसरी पार्टी के किसी लीडर से मुलाकात नहीं की है।
सिद्धू ने साफ किया कि किसी भी पॉलिटिकल पार्टी ने उनसे संपर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ अपने पर्सनल नजरिए और सोच के आधार पर बोल रही हैं क्योंकि वह सिर्फ वाहेगुरु जी के प्रति जवाबदेह हैं और किसी और के प्रति नहीं।
NGO के जरिए पंजाब की सेवा करने की इच्छा
अपने भविष्य के प्लान के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वह पंजाब के लोगों की सेवा करना चाहती हैं, जिसके लिए वह एक NGO बनाने की सोच रही हैं। उनका मुख्य मकसद गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को समझना और अपनी आत्मा के विकास के लिए काम करना है। नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वह ऐसे संतों के साथ रहना चाहती हैं जो उन्हें बिना स्वार्थ के सेवा और आध्यात्मिक विकास के बारे में सिखा सकें। उन्होंने हाल ही में भगवत गीता की शिक्षाओं के साथ तीन खुशी भरे दिन बिताए और प्रेमानंद महाराज जी जैसे ज्ञानी संतों का आशीर्वाद भी लिया, जिन्होंने कई आत्माओं के विकास में मदद की है। इस बयान से यह साफ है कि नवजोत कौर सिद्धू फिलहाल राजनीतिक गतिविधियों के बजाय आध्यात्मिकता और समाज सेवा को प्राथमिकता दे रही हैं।














