सहरसा – समाज में बदलाव की बयार जब अपनों के बीच से शुरू होती है, तो वह एक मिसाल बन जाती है. सहरसा जिले के सत्तरकटैया प्रखंड के आरण गांव ने एक ऐसा ही साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है. सोमवार को हुई एक विशाल ग्राम बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से ‘मृत्युभोज’ जैसी सदियों पुरानी कुरीति को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है.

शोक पर बोझ बनी परंपरा का अंत

बैठक में ग्रामीणों ने इस बात पर चिंता जताई कि मृत्युभोज अब संवेदना का प्रतीक नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार पर आर्थिक और मानसिक बोझ बन चुका है. अपनों को खोने के गम में डूबे परिवार को समाज के डर से भारी-भरकम भोज का आयोजन करना पड़ता है, जिसके लिए कई बार उन्हें कर्ज के दलदल में भी फंसना पड़ता है.

दिखावे की भेंट चढ़ा ‘भोज का मेन्यू’

बैठक में चर्चा हुई कि समय के साथ मृत्युभोज का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है. अब यह ‘सोशल स्टेटस’ का सिंबल बन चुका है. पहले सादा भोजन (दाल-भात-सब्जी) तक सीमित था. अब शादियों की तरह कचौड़ी, पुलाव, कई तरह की सब्जियां, दही-मिठाई और सकरौरी जैसे पकवानों ने इसकी जगह ले ली है.

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

बैठक में समाजशास्त्रियों और बुद्धिजीवियों ने इस कुप्रथा के कई नकारात्मक पहलुओं को उजागर किया. गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार वर्षों तक कर्ज चुकाने में लगे रहते हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य प्रभावित होता है. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्मशास्त्र में मृत्युभोज की बाध्यता नहीं है. आत्मा की शांति प्रार्थना और सेवा से मिलती है, दिखावे से नहीं. महिलाओं ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि शोक की स्थिति में भी रसोई और मेहमानों की सेवा करना मानसिक पीड़ा को बढ़ाता है.

यह परंपरा सामाजिक बराबरी को खत्म कर हैसियत के प्रदर्शन का जरिया बन गई है. समाजशास्त्री गणेश प्रसाद ने कहा, “शोक के समय परिवार को सहारे की जरूरत होती है, न कि आर्थिक प्रदर्शन की. सामूहिक संकल्प से ही ऐसी कुरीतियां खत्म हो सकती हैं.”
 आरण गांव के ग्रामीणों ने केवल संकल्प ही नहीं लिया, बल्कि भविष्य के लिए एक ठोस रणनीति भी बनाई है. यदि कोई परंपरा के नाम पर किसी परिवार पर मृत्युभोज के लिए दबाव डालता है, तो पूरा गांव एकजुट होकर उसका विरोध करेगा. आसपास के गांवों से भी इस कुरीति के खिलाफ आगे आने की अपील की गई है.

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031