अमरोहा। रूबी हत्याकांड के तीसरे दिन भी पचोकरा मेहरबान अली गांव में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। परिजनों में आक्रोश बना हुआ है। दो वर्गों के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है।
सुरक्षा के लिहाज से शुक्रवार को भी पीएसी तैनात रही। विवेचक शोकेंद्र सिंह ने मृतका रूबी के पति नरेंद्र को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए । घटना के तीसरे दिन भी वाल्मीकि समाज के लोग अपने घर छोड़कर भागे हुए हैं। उनके घर जैसे छोड़कर गए थे वैसे ही पड़े हैं। पशुओं को चारा नहीं मिल पा रहा है। हत्यारोपी धीरज के पिता बृजपाल और माता अनीता गिरफ्तारी के डर से छिपे हुए हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया की हत्या के समय कोटेदार बृजपाल और उसकी पत्नी अनीता मुरादाबाद दवाई लेने गए हुए थे। वहीं, पुलिस नामजद आरोपियों गिरफ्तारी की कोशिश के साथ अज्ञात लोगों के पहचान करने का भी प्रयास किया जा रहा है। वहीं, रूबी के पति नरेंद्र और बेटे लवीश, नकूल और बेटी नैना का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव पचौकरा में विवाहिता रूबी की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी। पूछताछ के दौरान आरोपित धीरज ने सारी कहानी पुलिस को बताई है। तीन साल से चल रहे प्रेम प्रसंग में अब रूबी ने उससे बात करना बंद कर दिया था। बार-बार वह रूबी से बात करने का दबाव बना रहा था। इससे क्षुब्ध होकर धीरज ने उसकी हत्या कर दी थी।
देहात थाना क्षेत्र के गांव पचौकरा में रहने वाले मजदूर नरेंद्र सिंह की पत्नी रूबी की बुधवार दोपहर 12 गांव के ही राशन डीलर ब्रजपाल सिंह के बेटे धीरज ने चाकू घोप कर हत्या कर दी थी। वह गांव में ही एक वैवाहिक कार्यक्रम से खाना खाकर घर लौट रही थी। जब वह धीरज के घर के पास पहुंची थी तो उसने रास्ते में रोक कर रूबी से बात करने का प्रयास किया था तथा विरोध करने पर चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी।














