
शादी के निमंत्रण पत्रों में कोरोना का डर मिटाने जागरूकता संदेश
जहां एक तरफ कोरोना कहर बरपा रहा है, लोग एक-दूसरे से हिचक रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ अभी शादियों का दौर भी चल रहा है और आमंत्रण पत्र बांटे भी जा रहे है। राज्य शासन द्वारा दिये गए कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए शादी में रस्में निभाई जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य डॉट कॉम के इस संवाददाता को ऐसा शादी कार्ड हाथ लगा जिसमें कोरोना से लोगों को जागरुक करते हुए एक जागरूकता संदेश प्रकाशित गया है। इस जागरूकता संदेश को शादी कार्ड के निहारती पलके वाले कालम में स्थान दिया गया है। आपको बता दें कि राजधानी रायपुर स्थित विवेकानंद आश्रम के पीछे शताक्षी मंदिर के पास निवासरत अविनाश-चित्रा के यहां दिसंबर माह के 13 दिसंबर को वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित है। इस कार्यक्रम में मेहमानों को आमंत्रित करने जो आमंत्रण पत्र प्रकाशित किया गया है उसमें लोगों में कोरोना के डर को कम करने के उद्देश्य से एक जागरुकता संदेश भी प्रकाशित किया गया है जो इस प्रकार है-कोलोना छे डलना नहीं, ललना है अउल मेरी बुआ की तादी शादी में जलूल-जलूल आना है….। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग स्वयं जिनके घर शादियां है वे परिवार वाले भी शादी के कार्ड के माध्यम से कोरोना के खिलाफ जागरुकता संदेश भी दे रहे हैं। इस अलावा शादी समारोह में भी राज्य सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइंस का पालन कर रहे हैं।


















