जम्मू : पहलगाम आतंकी हमले की जांच से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकरी के अनुसार नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े एक गोप्रो हीरो 12 ब्लैक (GoPro Hero 12 Black) कैमरे का पता लगाने के लिए चीन से न्यायिक सहायता मांगी है। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था।
जांच एजेंसी के अनुसार, बरामद किया गया GoPro Hero 12 Black कैमरा (सीरियल नंबर C3501325471706) 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकी मॉड्यूल की हमले से पहले की टोह लेने, उसके मूवमेंट पैटर्न और ऑपरेशनल तैयारियों का पता लगाने में बहुत जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि इसे चीन की AE ग्रुप इंटरनेशनल लिमिटेड को जानलेवा आतंकी हमले से एक साल से भी पहले सप्लाई किया गया था। इसे 30 जनवरी 2024 को चीन के डोंगगुआन शहर में सक्रिय किया गया था।
यह कैमरा उन कई चीज़ों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में से एक है जो इन्वेस्टिगेटर को मिली और उनकी जांच की गई। यह हमला उस आतंकवादी हमले की साज़िश और उसे अंजाम देने से जुड़ा है। इस हमले में 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2 बजे आतंकवादियों ने कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर बैसरन नाम के खूबसूरत मैदान में गोलीबारी शुरू कर दी थी, जिसमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। NIA ने कैमरे के खरीदार, अंतिम उपयोगकर्ता और संबंधित तकनीकी विवरणों का पता लगाने के लिए चीन की सक्षम न्यायिक प्राधिकरण को लेटर रोगेटरी (LR) जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। लेटर रोगेटरी एक देश की अदालत द्वारा दूसरे देश की अदालत से औपचारिक कानूनी सहायता का अनुरोध होता है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में स्वीकृति प्रदान कर दी है।
2 मार्च को जम्मू की विशेष अदालत ने एनआईए को चीन से न्यायिक सहायता लेने की अनुमति दे दी। यह आवेदन विदेश मंत्रालय के माध्यम से चीन को भेजा जाएगा। गृह मंत्रालय ने मामले की जांच में कानूनी मदद लेने के लिए चीन को LR जारी करने की मंजूरी दे दी है। जम्मू की एक स्पेशल कोर्ट ने 2 मार्च को NIA को चीन से न्यायिक मदद लेने की इजाजत दी ताकि कथित तौर पर साजिश से जुड़े GoPro कैमरे के खरीदार और एंड-यूजर का पता लगाया जा सके। यह एजेंसी द्वारा जम्मू कोर्ट में पेश किए गए एक एप्लीकेशन पर आधारित था, जिसमें विदेश मंत्रालय के जरिए पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सक्षम न्यायिक अथॉरिटी को LR जारी करने की मंज़ूरी मांगी गई थी।














