रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दोपहर चिरमिरी के गोदरीपारा में नवनिर्मित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के बच्चों की पढ़ाई के लिए अगले एक साल में एक सौ नये इंग्लिश मीडियम स्कूल और शुरू किए जाएंगे। श्री बघेल ने कहा कि गरीब परिवार के बच्चों के भी अंग्रेजी मीडियम के अच्छे स्कूलों में पढऩे और आगे बढऩे के सपने को साकार करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर चिरमिरी में डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए नए मेडिकल कालेज खोलने का प्रस्ताव तैयार कराकर केंद्र सरकार को भेजने की भी बात कही। श्री बघेल ने चिरमिरी के गोदरीपारा में बने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के भव्य भवन का भी अवलोकन किया और स्कूल की छत से अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ चिरमिरी की पहाडिय़ों-घाटियों के प्राकृतिक सौंदर्य का दर्शन भी किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्कूल के नवनियुक्त शिक्षकों और प्रवेशित बच्चों से भी मुलाकात की। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शिव डहरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव एवं विधायक बैकुण्ठपुर श्रीमती अंबिका सिंहदेव, विधायक मनेन्द्रगढ़ डॉ. विनय जायसवाल, सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक भरतपुर-सोनहत गुलाब कमरो, नगर निगम चिरमिरी की महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के भवन और परिसर अवलोकन करने के बाद कहा कि यह स्कूल मसूरी और देहरादून के स्कूलों की तरह विकसित हो सकता है। चिरमिरी की आबो हवा और प्राकृतिक सौंदर्य इसके लिए बहुत अनुकूल है। परिसर में सुविधाओं को बढ़ाकर हम इसे एक अच्छे पर्वतीय क्षेत्र के स्कूल की तरह विकसित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के मन में स्कूल के विकास की नये सिरे से योजना बनाने का विचार भर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवार के बच्चों को अच्छे स्कूलों में अच्छे माहौल में बेहतर शिक्षा के लिए सरकार ने ऐसे 52 स्कूल पूरे प्रदेश में शुरू किये हैं। छत्तीसगढ़ की महान विभूति और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बुनियादी शिक्षा के विचार के पक्षधर स्वामी आत्मानंद के नाम पर इन स्कूलों का नामकरण इन्हें अलग ही पहचान देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इन स्कूलों में दाखिले के लिए स्वीकृत सीटों से दो-तीन गुने आवेदन मिल रहे हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए बड़ी प्रतिस्पर्धा है। हर कोई अपने बच्चों को इन्हीं स्कूलों में पढ़ाना चाह रहा है। उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए सरकार ने अगले एक साल में एक सौ नये विद्यालय और खोलने की भी योजना बनायी है। हर विकासखण्ड में एक-एक ऐसे सुसज्जित अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने के लिए सरकार अगले वर्ष कार्ययोजना पर अमल करेगी। स्कूल परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कोरिया सहित पूरे प्रदेश के समग्र विकास का अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने चर्चा के दौरान कहा कि चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़, बैकुण्ठपुर सहित पूरे कोरिया जिले के विकास के लिए पैसों की कमी कभी आड़े नहीं आयेगी। जनता की मांग और आवश्यकताओं के हिसाब से विकास कार्य कराये जायेंगे। जनप्रतिनिधियों की मांग पर चिरमिरी को हिल स्टेशन के रूप में पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना बनाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कही। उन्होंने राज्य सरकार के अधीन आने वाली जिले की सड़कों की मरम्मत और नई सड़कें बनाने के लिए भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराने पर अपनी सहमति दी।
प्रदेश में खुलेंगे 100 नए स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल
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