Premanand Ji Maharaj: जीवन में दुख-सुख आते-जाते रहते हैं. सुख के समय हर चीज अच्छी लगती है, दोस्त और रिश्तेदार अपना लगता है. लेकिन दुख के समय हर अपना पराया लगने लगता है. व्यक्ति समझ नहीं पाता कि वह किससे मदद मांगे और क्या करें. मन विचलित रहने लगता है. ऐसी स्थिति में दी गई सलाह आपके बहुत काम आ सकती है.
परेशानी में किससे मदद मांगनी चाहिए?
प्रेमानंद जी महाराज से सवाल पूछा गया कि अगर किसी व्यक्ति के जीवन में परेशानी आती है या नौकरी चली जाती है, तो उसे क्या करना चाहिए? व्यक्ति को किससे मदद मांगनी चाहिए?
इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने जवाब देते हुए कहा कि यदि व्यक्ति के मन में भगवान के प्रति सच्ची निष्ठा और आस्था है, तो उसे किसी से मदद नहीं मांगनी चाहिए. उसमें इतना आत्मबल होना चाहिए कि वह स्वयं मुश्किलों को पार कर सके. उनका कहना है कि भगवान अपने सच्चे भक्तों की हमेशा सहायता करते हैं. अगर मदद मांगनी है, तो केवल उनसे मांगें. आगे उन्होंने कहा कि यदि भक्ति का मन चंचल है और व्यक्ति इश्वर पर आस्था नहीं रखता, तो वह किसी भी व्यक्ति से सहायता मांग सकता है.



















