वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद और व्यापार का कारक माना जाता है। वहीं रोहिणी नक्षत्र चंद्रमा का नक्षत्र है, जो भावनाओं और मानसिक स्थिति से जुड़ा होता है। ऐसे में जब बुध कृत्तिका नक्षत्र छोड़कर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, तो इसका असर लोगों की सोच और व्यवहार पर साफ दिखाई दे सकता है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार बुध और चंद्रमा के बीच संबंध थोड़ा विरोधाभासी माना जाता है। बुध जहां तर्क और व्यावहारिकता को महत्व देता है, वहीं चंद्रमा भावनाओं को आगे रखता है। यही वजह है कि इस दौरान कई लोगों को “दिल और दिमाग” के बीच संघर्ष महसूस हो सकता है। छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमियां बढ़ सकती हैं और जल्दबाजी में लिए गए फैसले परेशानी खड़ी कर सकते हैं। हालांकि सभी राशियों पर इसका असर एक जैसा नहीं रहेगा, लेकिन 4 राशियों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

मेष राशि

इस समय बुध आपका दूसरा भाव सक्रिय करेगा, जो बोलचाल और पैसों से जुड़ा है। ऐसे में आपकी बात को गलत समझा जा सकता है। ऑफिस या घर में आम-सी कोई बात भी बहस की वजह बन सकती है। पैसों के मामले में भी सोच-समझकर कदम रखें। बिना विचार किए निवेश नुकसान देगा। किसी को उधार देने से बचें, वरना पैसा फंस सकता है। खर्चे संभाल लें, नहीं तो बजट बिगड़ जाएगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए यह परिवर्तन सातवें भाव में असर डालेगा, जो विवाह और पार्टनरशिप से जुड़ा होता है। पति-पत्नी के बीच छोटी बात भी बड़ा विवाद बन सकती है। रिश्तों में शक और अविश्वास की स्थिति बन सकती है। यदि आप बिजनेस पार्टनरशिप में हैं, तो कागजी काम और पैसों के लेन-देन में पूरी पारदर्शिता रखें। किसी नए कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने से पहले हर शर्त अच्छी तरह पढ़ लें। लापरवाही बाद में भारी पड़ सकती है।

धनु राशि

बुध का ये गोचर आपके छठे भाव में होगा, जिसका संबंध स्वास्थ्य, कर्ज़ और विरोधियों से है। ऑफिस या कामकाज में विरोधी आपकी छवि खराब करने की कोशिश करेंगे। अपनी योजनाएं हर किसी से शेयर न करें। मानसिक तनाव के चलते नींद कम हो सकती है। त्वचा या नसों की दिक्कतें उभर सकती हैं। अपनी दिनचर्या और खानपान पर पूरी तरह ध्यान दें यही फिलहाल सबसे ज़रूरी है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के चौथे भाव में बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन होगा। यह भाव घर, माता, सुख-सुविधा और वाहन से जुड़ा माना जाता है। घर में तनावपूर्ण माहौल बन सकता है और छोटी-छोटी बातों पर बहस हो सकती है। घर की मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान या वाहन पर अचानक बड़ा खर्च आ सकता है। मां की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है। यदि पहले से कोई पुरानी बीमारी है तो लापरवाही बिल्कुल न करें।

क्या करें ताकि असर कम हो?

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शांत रहना सबसे बड़ा उपाय माना गया है। जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और बातचीत में संयम रखें। बुधवार के दिन हरे रंग का प्रयोग शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को हरी मूंग दाल दान करना और गणपति जी की पूजा करना भी लाभकारी माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय भावनाओं पर नियंत्रण रखने और सोच-समझकर कदम उठाने का है। अगर धैर्य और समझदारी से काम लिया जाए तो कई परेशानियों से बचा जा सकता है।

(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें

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