राजस्थान के जोधपुर रेलवे के माध्यम से बढ़ती ड्रग्स तस्करी को लेकर अब सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं. इसी कड़ी में रेलवे के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुष्मित विश्वास सोमवार (6 अप्रैल) को जोधपुर दौरे पर रहे, जहां उन्होंने जीआरपी कार्यालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर तस्करी पर रोक लगाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की.
बैठक में रेलवे के जरिए फैल रही ड्रग्स सप्लाई पर मंथन
बैठक में रेलवे नेटवर्क के जरिए देशभर में फैल रही ड्रग्स सप्लाई पर गंभीर मंथन हुआ. एडीजी सुष्मित विश्वास ने साफ कहा कि ड्रग्स तस्करी अब एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रही है, जिसमें ट्रेनों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. इसे रोकने के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और तकनीकी निगरानी बेहद जरूरी है.
प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि केंद्रीय एजेंसियां इस मुद्दे को लेकर लगातार सक्रिय हैं और संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के इनपुट के अनुसार ड्रग्स की मूवमेंट देश के पूर्वी हिस्सों से पश्चिम की ओर तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में नॉर्थ-ईस्ट, पश्चिम बंगाल और बिहार से आने वाली ट्रेनों को विशेष निगरानी में रखा गया है.
रेलवे और बसों से आ रहे यात्रियों और पार्सल की सघन जांच
एडीजी ने चिंता जताते हुए कहा कि राजस्थान, खासकर पश्चिमी राजस्थान, एमडी और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स का उभरता हुआ हब बनता जा रहा है. इस स्थिति को देखते हुए रेलवे और बसों के जरिए आने वाले संदिग्ध केमिकल्स और ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संदिग्ध यात्रियों, पार्सल और लगेज की सघन जांच की जाए और इंटेलिजेंस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले दिल्ली में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस विषय पर महत्वपूर्ण बैठक हो चुकी है. उसी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए अब जोधपुर में भी स्थानीय स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है.
अब रेलवे तस्करों के लिए रास्ता नहीं रहेगा आसान
बैठक में आरपीएफ और एनसीबी के अधिकारियों की मौजूदगी ने इस अभियान को और मजबूती दी. सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया, ताकि ड्रग्स तस्करी के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके. संदेश साफ है कि रेलवे अब तस्करों के लिए आसान रास्ता नहीं रहेगा. आने वाले दिनों में ट्रेनों में जांच और निगरानी और भी सख्त होने वाली है, जिससे ड्रग्स के खिलाफ इस जंग को निर्णायक मोड़ देने की तैयारी है.



















