तिरुवनंतपुरम: केरल में विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार खत्म हो चुका है लेकिन राज्य में पूर्व डीजीपी और बीजेपी नेता आर श्रीलेखा का गुस्सा चर्चा में बना हुआ है। दरअसल विदेश मंत्री एस जयशंकर के श्रीलेखा का नाम नहीं लेने पर वह मंच उठकर चली गई थीं। उन्होंने एक तरीके से वॉकआउट कर दिया है।बीजेपी नेताओं ने इस स्थिति को संभाला और फिर श्री लेखा को मनाया। इसके बाद वह लौट मंच पर आईं। श्रीलेखा अभी तिरुवनंतपुरम नगर निगम के संस्था मंगलम वार्ड से पार्षद हैं। बीजेपी ने उन्हें केरलम् विधानसभा चुनाव में तिरुवनंतपुरम की वट्टियूरकावु (Vattiyoorkavu) सीट से टिकट दिया है। इस सीट से कांग्रेस ने के मुरलीधन और सीपीआई एम ने वी के प्रशांत को उतारा है।
वर्चुअल कार्यक्रम में हुई यह घटना
केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा ने बीजेपी से जुड़ने और तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव लड़ने के बाद देशभर की सुर्खियों में रही थीं। उन्हें मेयर का दावेदार भी माना गया था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया था। ताजा मामले में उनकी नाराजगी का कारण यह था कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने वर्चुअल भाषण में इस महिला उम्मीदवार का नाम नहीं लिया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और नेमम से उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर के साथ ही इस महिला उम्मीदवार के साथ वाली सीट से बीजेपी उम्मीदवार का नाम लिया, जबकि यह सभा जहां हो रही थी वह आर श्रीलेखा के क्षेत्र में थी।जयशंकर के उनका नाम नहीं को आर श्रीलेखा बर्दाश्त नहीं कर पाई और मंच छोड़ दिया।
बीजेपी ने नेताओं ने स्थिति को संभाला
इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बहुत मान मनौव्वल के बाद फिर से इस महिला उम्मीदवार को मंच पर बुलाया। उन्होंने यह भी कहा कि उसे यह भी कहा कि जयशंकर मूलतः नौकरशाह हैं। वह कोई नेता नहीं हैं। इस प्रकरण के बाद चर्चा यह है कि वह पहले चुनाव नहीं लड़ना चाहती थीं। इसके पीछे उनका तर्क था कि बीजेपी जो वादा करती है। उसे पूरा नहीं करती है। यह कहा जा रहा है कि आर श्रीलेखा को जब बीजेपी ने पार्षद का चुनाव लड़ाया था। उस वक्त पर उन्हें बड़े पद का भरोसा दिया गया था। श्रीलेखा 1987 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और केरल की पहली महिला डीजीपी के रूप में रिटायर हुई थीं। वे अक्टूबर 2024 में बीजेपी में शामिल हुई थीं। केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। राज्य विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 140 है।



















